ममता सरकार में मां-माटी और मानुष का सम्मान नहीं,छोटे-छोटे नेता खुद को सरकार समझते हैं…
कोलकाता,26 अप्रैल 2026। पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के बनगांव की रैली में कहा कि पहले फेज के मतदान में टीएमसी का घमंड टूट चुका है। दूसरे चरण में भाजपा की जीत तय होती दिख रही है। पीएम ने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में छोटे-छोटे नेता और गुंडे खुद को सरकार समझने लगे हैं। पीएम ने कहा, ‘15 साल पहले टीएमसी ‘मां, माटी, मानुष’ का नारा देकर सत्ता में आई थी, आज वे इन शब्दों को बोल भी नहीं पाते। अगर ये लोग ये शब्द बोलेंगे, तो इनके पाप सामने आ जाएंगे। टीएमसी के राज में मां-माटी और मानुष का सम्मान नहीं है।’
अब और नहीं सहेंगे कहने का समय आ गया है
पीएम ने कहा- बंगाल की महिलाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता इस बात से दिखती है कि हमने संदेशखाली पीडि़ता और आरजी कर डॉक्टर की मां को चुनावी टिकट दिया है। टीएमसी की निर्मम सरकार बंगाल की महिलाओं पर अत्याचार करने वाले गुंडों के साथ खड़ी रहती है। अब समय आ गया है कि बंगाल की जनता कहे- अब और नहीं सहेंगे। पीएम ने कहा- 4 मई के बाद बंगाल में भाजपा की नई सरकार बनने पर महिलाओं के साथ रेप और अत्याचार करने वाले अपराधियों को कानून के कठघरे में लाया जाएगा।
पीएम बोले…बंगाल में अब सिर्फ एक ही नारा है ‘पलटानो दरकार’
पीएम ने कहा- 15 साल पहले हुगली नदी के आसपास का इलाका कभी मिलों और फैक्टि्रयों का बड़ा केंद्र हुआ करता था, लेकिन आज वहां ताले लगे होने की खबरें आती हैं। ब्रिटिश दौर की फैक्टि्रयां भी बंद हो रही हैं। पीएम ने कहा- आज सिर्फ एक ही फैक्ट्री और एक ही दुकान चल रही है- सिंडिकेट की कट-मनी और कमीशनखोरी की दुकान। ऐसी सरकार को जाना ही होगा, ऐसी सरकार को हटाना ही होगा। इसीलिए बंगाल में अब सिर्फ एक ही नारा और एक ही फैसला है- ‘पलटानो दरकार’ (बदलाव जरूरी है)।’
पीएम बोले…दीदी ने बंगाल के मानुष को पलायन के लिए मजबूर किया
पीएम मोदी ने बंगाल के ठाकुरनगर के बनगांव में जनसभा के दौरान कहा कि टीएमसी के राज में मां-माटी और मानुष का सम्मान नहीं है। दीदी ने बंगाल के मानुष को पलायन के लिए मजबूर किया है। टीएमसी के महाजंगलराज में छोटे से छोटा नेता और छोटे से छोटा गुंडा भी खुद को सरकार समझता है। पीएम ने कहा- 24 परगना और हुगली के बीच का ये इलाका कभी मिलों और फैक्टि्रयों का इलाका हुआ करता था। लेकिन अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कारखाने भी बंद हो रहे हैं। बनगांव से बैरकपुर तक अनेक फैक्ट्री 15 साल में बंद हुई हैं।
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