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नई दिल्ली@ चुनावी हलफनामे में 100 करोड़ का झोल

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मद्रास हाई कोर्ट के रडार पर विजय,इनकम टैक्स को जांच के आदेश
नई दिल्ली,21 अप्रैल 2026 ।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रहे मशहूर एक्टर विजय शुरुआत में ही बड़ी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी नवगठित पार्टी‘तमिलगा वेट्री कजगम’ के प्रमुख विजय के चुनावी हलफनामे में 100 करोड़ रुपये से अधिक की भारी गड़बड़ी पकड़ी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सीधे इनकम टैक्स विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। पहली बार चुनावी मैदान में उतरी विजय की पार्टी के लिए इसे एक बहुत बड़ा राजनीतिक और कानूनी झटका माना जा रहा है। दरअसल, एक्टर विजय ने तमिलनाडु चुनाव के लिए दो अलग-अलग विधानसभा सीटों, त्रिची और पेरम्बूर से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। विवाद तब शुरू हुआ जब पेरम्बूर के एक स्थानीय मतदाता ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया कि विजय द्वारा दोनों सीटों पर दिए गए हलफनामों में उनकी आय के आंकड़े मेल नहीं खा रहे हैं। जांच में सामने आया कि त्रिची सीट के लिए दाखिल कागजातों में विजय ने अपनी आय 220 करोड़ रुपये दिखाई थी, जबकि पेरम्बूर सीट के हलफनामे में यह आंकड़ा मात्र 115 करोड़ रुपये दर्शाया गया था।
इन दोनों आंकड़ों के बीच पूरे 105 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है, जिस पर अब अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।
दिग्गजों से है मुकाबला, त्रिकोणीय हुआ तमिलनाडु का चुनाव
इस बार का तमिलनाडु चुनाव विजय की एंट्री से काफी दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गया है। तिरुचिरापल्ली (त्रिची) पूर्व सीट पर विजय का सीधा मुकाबला सत्ताधारी पार्टी डीएमके के नेता इनीगो एस. इरुदयाराज से है। वहीं, पेरम्बूर सीट पर वे डीएमके विधायक आर.डी. शेखर को चुनौती दे रहे हैं। त्रिची पूर्व विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक आबादी, विशेषकर ईसाई समुदाय का काफी प्रभाव है और यहां कई बड़े चर्च भी मौजूद हैं। हालांकि इस इलाके को पारंपरिक रूप से डीएमके का मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन विजय के मैदान में उतरने से इरुदयाराज को इस बार बेहद कड़ी टक्कर मिल रही है।
तटीय इलाकों और अल्पसंख्यक वोटों पर विजय की पैनी नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में विजय के आने से सीधा असर अल्पसंख्यक वोटों के ध्रुवीकरण पर पड़ेगा और वोटों का बंटवारा होना तय है। इस कड़े मुकाबले वाले त्रिकोणीय चुनाव में अल्पसंख्यक वोटों के साथ-साथ दलित और बहुसंख्यक हिंदू वोट बैंक भी हार-जीत तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। एक्टर विजय का चुनावी अभियान मुख्य रूप से रामनाथपुरम सहित तमिलनाडु के तटीय इलाकों पर काफी केंद्रित रहा है। उनकी यह सोची-समझी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट रूप से मछुआरा समुदाय और अल्पसंख्यकों के वोटों को अपने पक्ष में लामबंद करने की ओर इशारा कर रही है।


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