गैस-कच्चा तेल लेकर 5 जहाज भारत आ चुके,फारस की खाड़ी में सभी 22 जहाज सुरक्षित
बेंगलुरु,22 मार्च 2026। अमेरिका के टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर एक कार्गो शिप रविवार को मेंगलुरु पोर्ट पर पहुंच गया है। वहीं रूस से एक जहाज क्रूड लेकर भारत आया। पिछले 7 दिनों में करीब पांच जहाज गैस-कच्चा तेल लेकर समुद्र के रास्ते भारत पहुंचे। इससे पहले 18 मार्च को क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात में अडाणी पोर्ट्स आया था। वहीं, दो अन्य एलपीजी कैरियर एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर 16 और 17 मार्च को भारत आए थे। हालांकि,ये तीनों जहाज होर्मुज के रास्ते से होकर गुजरे थे। फारस की खाड़ी में अभी भी करीब 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। हालांकि,वे सभी सुरक्षित हैं। फारस की खाड़ी में मौजूद होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के अहम शिपिंग रूट्स में शामिल है। यहां से दुनियाभर की करीब 20′ ऑयल की सप्लाई होती है। मंगलूरू में भारत की सबसे बड़ी अंडरग्राउंड एलपीजी स्टोरेज सुविधा भी है। यह स्टोरेज समुद्र तल से 225 मीटर नीचे स्थित है और इसकी क्षमता 80,000 मीट्रिक टन है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और रूस से लगातार आपूर्ति मिलने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और घरेलू एलपीजी स्टॉक को बनाए रखना आसान होगा। इस पूरी स्थिति से यह साफ होता है कि युद्ध और वैश्विक संकट के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तैयारी के साथ काम कर रहा है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur