दीपके बोले…वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते,लेकिन झुकती है दुनिया,झुकाने वाला चाहिए
नई दिल्ली,25 जुलाई 2026। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। नीट पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे,इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते,लेकिन झुकती है दुनिया,झुकाने वाला चाहिए।प्रधान ने इस्तीफे को लेकर चिट्ठी पोस्ट की। दो पेज और 575 शब्दों में लिखी इस चिट्ठी में प्रधान ने बाकी बातों के साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित करने की बात भी लिखी।
12 साल में पहली बार विरोध के बाद इस्तीफा
2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि,इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।
केजरीवाल बोले- सुनिश्चित करें कि भविष्य में कभी पेपर लीक न हो
अरविंद केजरीवाल ने कहा,‘सब कहते हैं कि सरकार कभी झुकती नहीं है,पर इस सरकार को झुकना पड़ा। सरकार की यह जिम्मेदारी है ही कि वह प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग सुने। मैं उन्हें बधाई देता हूं। सरकारें अब यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में कभी पेपर लीक न हो।
वांगचुक बोले…ये लोकतंत्र की जीत
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से किए पोस्ट में लिखा…यह लोकतंत्र की जीत है,प्रत्यक्ष लोकतंत्र…सड़कों से मिली जीत। यह शांति,धैर्य और दृढ़ता की जीत है। सीजेपी और GenZ को बधाई। देश के हर कोने से उठ खड़े होने के लिए सभी नागरिकों को धन्यवाद।
खड़गे ने कहा- प्रधान का इस्तीफा,सच की जीत,पीएम की हार
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए आवाज उठाने वाले करोड़ों युवाओं की जीत है। सच्चाई की जीत है। पीएम मोदी की जिद की हार है।’ उन्होंने कहा, ‘छात्रों के हित में संसद से लेकर सड़कों तक आवाज उठाने वाले एकजुट विपक्ष की जीत है। पीएम मोदी को युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। लाठी और पैलेट गन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’
दीपके बोले…कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है…
जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने कहा… मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है,लेकिन हमारी दो और मांगे हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे। कॉकरोच एक बार घुसता है, तो निकलता नहीं। जिन बच्चों ने सुसाइड किया, उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। पुलिसवालों पर एक्शन हो। दिल्ली पुलिस अधिकारी याद रखें कि उन्होंने कॉकरोच से पंगा लिया है। हमने तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया, तो तुम लोग क्या चीज हो। छात्रों पर केस वापस होने चाहिए। भैया,ये लोकतंत्र है। मुझे एक महीने से लोग कहते थे- क्या कर रहे हो, कब तक बैठोगे,ये इस्तीफा नहीं देंगे। ये मनमानी सरकार है,लेकिन हमने कर दिखाया।
प्रियंका गांधी ने कहा…अब हर सरकार को जनता की सुननी होगी
प्रियंका गांधी ने कहा…बच्चों को लाठी से पीटा गया। आज के बाद इस देश का हर शासक याद रखेगा की आपको जनता की सुननी होगी। पूरे देश में छात्रों ने प्रदर्शन किया। ये उनकी जीत है। कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी पूरी क्षमता से छात्रों का समर्थन किया। राहुल गांधी भी लगातार पिछले 2-3 सालों से छात्रों से मुद्दे पर डटे हुए हैं। आज आरएसएस ने भारत की पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।
इस्तीफा सौंपते हुए धर्मेंद्र प्रधान बोले…देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं दूंगा…

मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त,समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं,भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं। किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही,छात्रों,अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे,किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।शिक्षण और कक्षा संसाधन मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं,बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक,निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं। पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही,इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है। जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं,देश की एकता बनी रहे,भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं,करियर बनाने पर फोकस करें,इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।दक्षिण-एशियाई और प्रवासी मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन,विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही,मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों,मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ,जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूँगा। प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता,ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूँगा।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच
जनता पार्टी का आंदोलन खत्म
सरकार ने तीनों मांगें पूरी की…पहली-प्रधान का इस्तीफा दूसरी-प्रदर्शनकारियों से केस वापसी,तीसरी-मुआवजा

कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को आंदोलन खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह के साथ प्रवक्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया। सौरभ दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं। रांका ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार से 3 बार बातचीत हुई। हमारी तीनों मांगें मान ली गई हैं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सभी केस वापस लिए जाएं और नीट पीडि़तों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए शामिल हैं। इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है। छात्रों ने छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। राष्ट्रगान गाया। इस दौरान नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने स्टूडेंट्स के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा…प्रदर्शनकारी
अपना आंदोलन खत्म करें…
नड्डा ने कहा,‘मित्रों,आज सौरव के साथ हमारी तीसरी बैठक हुई। आज भी लंबी बातचीत हुई। उन्होंने चार पॉइंट दिए और उनकी मांगों पर चर्चा हुई। सबसे पहली मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो,जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। वहीं, पांच बिंदुओं के प्रस्ताव पर हमारा कहना है कि परीक्षा सुधार के लिए चिंतन करेंगे और फिर इन्हें इसकी जानकारी देंगे। ‘नड्डा ने कहा, ‘सरकार ने मांगों को मान लिया है। मेरा निवेदन है कि प्रदर्शनकारी अपना आंदोलन खत्म करें। ‘इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया और कहा,‘सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं। इसलिए हम तुरंत प्रदर्शन खत्म करने की अपील करते हैं। आगे की जानकारी बाद में देंगे।
सौरव दास ने कहा…सरकार
के साथ एक ड्राफ्ट भी साझा किया
सौरव दास ने कहा, हमने सरकार के साथ एक ड्राफ्ट भी साझा किया है। इसे लिखित में मंगलवार तक देने का आश्वासन मिला है। एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग पर भी सहमति बनी है। यह राशि पीडि़त परिवारों को दी जाएगी। हमने सरकार के सामने पांच बिंदुओं का प्रस्ताव रखा है। शिक्षा सुधार पर चर्चा के लिए चार हफ्ते बाद फिर बैठक होगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि नीट से जुड़े आत्महत्या के मामलों में पीडि़तों के परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाएगा।
आशुतोष रांका ने कहा…हमारी
तीनों मांगें मान ली हैं…
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा…पछले कुछ दिनों में सरकार से तीन बार बातचीत हुई। हमारी तीन मांगे थी…धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा,प्रदर्शनकारियों पर हुए केस वापस और भविष्य में कोई एक्शन न लिए जाएं। तीसरी डिमांड मृतकों को एक करोड़ मुआवजा देने की थी। हमारी पहली मांग पूरी हो गई है। दूसरी मांग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर हटाने की थी, जिसे भी सरकार ने मान लिया है। 15-20 केस दर्ज हुए हैं,उनकी कॉपी सरकार हमारे साथ साझा करेगी। यह कॉपी तीन-चार दिन में मिल जाएगी। भविष्य में सीजेपी की टीम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। शनिवार को राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार अब उपभोक्ता मामले,खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया है। प्रह्लाद जोशी ने 30 मई 2019 को पहली बार केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। उस समय उन्हें संसदीय कार्य,कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी। जून 2024 तक उन्होंने इन मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। 2024 के आम चुनाव के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले,खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से प्रह्लाद जोशी लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं।
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