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नई दिल्ली@सत्य निकेतन हादसे के बाद नगर निगम दिल्ली का बड़ा एक्शन….

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तोड़ी जाएंगी 27 जर्जर इमारतें,मालिकों को भेजा नोटिस

नई दिल्ली,09 सितम्बर 2026। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद नगर निगम दिल्ली ने जर्जर और खतरनाक इमारतों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। हादसे के बाद किए गए सर्वे में 51 ऐसी इमारतों की पहचान की गई है, जिन्हें असुरक्षित पाया गया है। इनमें से 27 इमारतों को गिराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम दिल्ली की टीम वेस्ट जोन और शाहदरा साउथ जोन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करेगी। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले संबंधित इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा कुछ इमारतों को खाली कराकर सील भी किया गया है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद
हरकत में आया प्रशासन

सत्य निकेतन इलाके में जर्जर इमारत गिरने से कई लोगों की मौत के बाद दिल्ली प्रशासन ने पुराने और कमजोर भवनों की जांच तेज कर दी है। नगर निगम दिल्ली की टीम ने कई इलाकों में हॉस्टल,पीजी और व्यावसायिक इमारतों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान भवन की मजबूती,निर्माण की स्थिति, फायर सेफ्टी व्यवस्था,इमारत की उम्र और स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्माण जैसे बिंदुओं की जांच की गई।
27 इमारतों पर चलेगा बुलडोजर,
7 को किया गया सील

नगर निगम दिल्ली अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में मिली 51 जर्जर इमारतों में से 27 को तुरंत गिराने का फैसला लिया गया है। वहीं 7 इमारतों को खाली कराकर सील कर दिया गया है। कुल 35 भवन मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सत्य निकेतन इलाके में ‘हॉस्टल डेज’ के पास स्थित जर्जर इमारत को भी गिराने की तैयारी पूरी की जा रही है। इससे पहले इमारत से वॉटर प्लांट और कैंटीन जैसी संरचनाओं को हटाया गया,ताकि सुरक्षित तरीके से ध्वस्तीकरण किया जा सके।
कासगंज से लेबर कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार : दिल्ली पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के कासगंज से एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। जांच में पता चला है कि बारिश के कारण बेसमेंट में जमा कचरे को हटाने और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ निर्माण कार्य किए जा रहे थे। पुलिस अब मरम्मत कार्य, निर्माण की गुणवत्ता और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। नगर निगम दिल्ली का कहना है कि दिल्ली में कमजोर और पुराने भवनों की पहचान कर उन पर कार्रवाई जारी रहेगी।
पीजी और हॉस्टल की सुरक्षा जांच में जुटी नगर निगम दिल्ली
नगर निगम दिल्ली के अधिकारियों ने बताया कि पीजी और हॉस्टल संचालकों की भी जांच की जा रही है। इसमें फायर एनओसी, बिल्डिंग का लाइसेंस,कमरों की संख्या,कन्वर्जन चार्ज और सुरक्षा मानकों की जांच शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी,ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। सत्य निकेतन इमारत हादसे के मामले में पुलिस की कार्रवाई भी जारी है।


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