10 साल की जेल,1 करोड़ जुर्माना
नई दिल्ली,24 जुलाई 2026। पेपर लीक विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इसमें पेपर लीक से जुड़े संशोधित विधेयक पर चर्चा हुई और इसे मंजूरी भी दे दी गई।
संसद के इसी मानसून सत्र के दौरान विधेयक को अगले हफ्ते पेश किया जा सकता है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान किए जाने के संकेत दिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक,प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को 3 से 5 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। साथ ही 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, संगठित पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों को 5 से 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है। साथ ही इन मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी, जो 3 महीने के भीतर फैसला सुनाएगी। दरअसल, पीएम मोदी ने गुरुवार रात एक वीडियो जारी करके कहा था कि पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा होगी, फिर से संसद में पेश किया जाएगा। पीएम ने कहा…पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक,पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है,वे जेल में हैं।
अगले हफ्ते संसद में पेश किया जा सकता बिल
बताया जाता है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए थे। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद सभी की नजर अगले हफ्ते संसद पर रहेगी, जहां इस अहम विधेयक को पेश किए जाने की संभावना है। केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी किया। सरकार ने 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है। उन्होंने विनीत जोशी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।
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