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नई दिल्ली @ नीट धांधली और पेपर लीक पर संसद में हंगामा…

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राहुल समेत कांग्रेस सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे
राज्यसभा में खड़गे बोले…प्रधान इस्तीफा दें,फिर चर्चा करेंगे
नई दिल्ली,22 जुलाई 2026 ।
संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। हंगामे के बीच लोकसभा-राज्यसभा को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, वे सदन में नीट पेपर लीक मामले में चर्चा तभी चाहते हैं जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे दें। सदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार हृश्वश्वभ् पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की पेशकश कर रही है। लेकिन विपक्ष मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी पार्टियां 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक का विरोध कर रही हैं।
राजनाथ बोले…विपक्ष युवाओं को राजनीतिक हथियार न बनाएं…
राजनाथ सिंह ने कहा…दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शन गंभीर चिंता का विषय हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश के छात्रों और युवाओं को कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए एक राजनीतिक औजार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे छात्रों की हर चिंता को सुनना और उसका समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।मुझे पूर्ण विश्वास है कि भारत के जागरूक,परिपक्व और विवेकशील युवा ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझते हैं और वे प्रगति,विकास तथा राष्ट्रनिर्माण के मार्ग को ही चुनेंगे।
वेणुगोपाल बोले…शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें; रिजिजू बोले…सरकार चर्चा को तैयार : लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की मांग साफ है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार कह रही है कि वह नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार नियमों के तहत सार्थक चर्चा चाहती है, ताकि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात हो सके। गांधी परिवार देशविरोधी तत्वों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र से सस्पेंड किए गए…
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र से निलंबित कर दिया गया है। कल्याण के खिलाफ यह कार्रवाई महिला सांसदों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर की गई थी। दरअसल मई 2026 में तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
राज्यसभा में जेपी नड्डा बोले…संसदीय मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा, गठबंधन का व्यवहार बहुत गैर-जिम्मेदाराना है। हम संसद में उनके इस लोकतंत्र-विरोधी व्यवहार को साफ देख सकते हैं। संसदीय मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन हो रहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अभी-अभी बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
अखिलेश बोले…बेटियों के कपड़े फाड़े,ये अधिकार किसने दिया…


संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में पूछा कि पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया? लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की मांग बिल्कुल स्पष्ट है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की पेशकश कर रही है।
राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी पार्टियां 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध कर रहा है।
सीजेपी का नड्डा के आवास पर जाने से इनकार, जंतर-मंतर के पास तटस्थ स्थान पर वार्ता का दिया प्रस्ताव
सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर जाकर बातचीत करने से इनकार किया है। सीजेपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि बातचीत जंतर-मंतर पर अथवा इसके निकट किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए। सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि आज सुबह पुलिस ने सीजेपी प्रतिनिधियों से संपर्क कर जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्री नड्डा उनसे बातचीत करना चाहते हैं और इसके लिए अपने आवास पर आने का निमंत्रण दिया है, लेकिन सीजेपी ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। सौरभ दास ने कहा कि सीजेपी का कोई भी प्रतिनिधि किसी मंत्री के घर या कार्यालय नहीं जाएगा। जंतर-मंतर पर जनता दरबार लगा हुआ है और यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो मंत्रियों को जनता के बीच आना चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्ता जंतर-मंतर पर ही होनी चाहिए। यदि सुरक्षा कारणों से मंत्री जंतर-मंतर आने में असमर्थ हैं, तो सीजेपी प्रदर्शन स्थल के पास किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत के लिए तैयार है।उन्होंने कहा कि अभी हम केंद्रीय मंत्री की ओर से जवाब का इंतजार कर रहे हैं। दास ने कहा कि सरकार की मंशा केवल औपचारिक बातचीत की नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की होनी चाहिए।बिना किसी सार्थक उद्देश्य के चर्चा के लिए बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। हजारों लोग अभी भी प्रदर्शन में शामिल हैं और सीजेपी का पूरा ध्यान आंदोलन के संचालन पर है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह वास्तव में आंदोलनकारियों से सार्थक वार्ता करना चाहती है? उल्लेखनीय है कि संसद मार्च के दौरान 20 जुलाई को सीजेपी के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा के आवास पर जाकर उनको ज्ञापन सौंपा था। नड्डा से मिलने वालों में सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल थे। इस दौरान नड्डा ने सीजेपी से धरना समाप्त करने का आग्रह किया था।


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