
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,08 जून 2026 (घटती-घटना)। जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने वित्त मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक शासन करने वाली भाजपा ने वर्ष 2018 में अंबिकापुर को ऐसे मेडिकल कॉलेज की विरासत सौंपी थी, जिसका न तो अपना भवन था और न ही पर्याप्त संसाधन। स्थिति यह थी कि आवश्यक सुविधाओं के अभाव में कई बार प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई और शून्य वर्ष घोषित करने जैसी परिस्थितियां निर्मित हो रही थीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की दूरदर्शी सोच और विशेष प्रयासों से अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज का विशाल एवं आधुनिक परिसर तैयार हुआ, जिसका लाभ आज पूरे सरगुजा संभाग की जनता को मिल रहा है। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज प्रदेश का दूसरा ऐसा मेडिकल कॉलेज बना, जहां पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की पढ़ाई संचालित हो रही है। बालकृष्ण पाठक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन के निर्माण में हुई देरी को लेकर वित्त मंत्री को तथ्यात्मक स्थिति की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल भवन की भूमि पर भाजपा से जुड़े एक पार्षद के परिवार द्वारा कब्जे के प्रयास के चलते न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर लिया गया था,जिसके कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि यही वह कारण था, जिससे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन का निर्माण समय पर पूरा नहीं हो सका। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता में नहीं रहने के बावजूद पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव लगातार मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राशि स्वीकृत होने और भाजपा सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने के बावजूद अब तक अस्पताल भवन निर्माण के लिए एक टेंडर तक जारी नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को पूर्ववर्ती सरकार के कार्यों पर सवाल उठाने के बजाय लंबित परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए,ताकि सरगुजा संभाग की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मेडिकल कॉलेज पर सियासत तेज ओपी चौधरी के बयान पर सिंहदेव का पलटवार
वित्त मंत्री बोले…कांग्रेस शासन में नहीं मिली राशि, सिंहदेव ने कहा- ढाई साल में सरकार भी काम पूरा नहीं करा सकी
मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोमवार को अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे प्रदेश के वित्त मंत्री एवं सरगुजा प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच तालमेल नहीं होने के कारण मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए राशि नहीं मिल पाई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार बनते ही मेडिकल कॉलेज के लिए 100 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि टीएस सिंहदेव स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम थे,जबकि वित्त विभाग भूपेश बघेल के पास था। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार ने आवश्यक राशि उपलब्ध करा दी है और अब निर्माण एजेंसियों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे। वहीं वित्त मंत्री के बयान पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने मेडिकल कॉलेज में हुए कार्यों का उल्लेख नहीं किया। मेडिकल कॉलेज शुरू कराने से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन की करीब 50 सीटें स्वीकृत कराने तक कई महत्वपूर्ण कार्य कांग्रेस शासनकाल में हुए थे। सिंहदेव ने कहा कि सरकार बनने के बाद उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात कर बताया था कि स्वीकृत राशि से अधिक का कार्य हो चुका है तथा अतिरिक्त राशि मिलने पर निर्माण पूरा हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए पूर्ववर्ती सरकार पर दोष मढ़ रही है। पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार को ढाई वर्ष हो चुके हैं और इतने समय से ओपी चौधरी सरगुजा के प्रभारी मंत्री हैं। इसके बावजूद भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की कमियां गिनाने के साथ वर्तमान सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सत्ता और विपक्ष मिलकर काम करें तो सरगुजा और प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं।
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