-संवाददाता-
अम्बिकापुर,05 जून 2026 (घटती-घटना)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘प्रकृति परिवर्तन’ विषयक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी, सिंचाई विभाग के पूर्व कार्यपालन अभियंता सुरेंद्र दुबे, वन विभाग के पूर्व रेंजर जयप्रकाश पाण्डेय, सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी तथा ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने सभी को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानव सभ्यता सदियों से प्रकृति की गोद में विकसित होती आई है। ऋषि-मुनियों ने प्रकृति के सानिध्य में आध्यात्मिक चेतना प्राप्त की और इसके सौंदर्य ने असंख्य कवियों एवं विचारकों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती भौतिक आवश्यकताओं के कारण मनुष्य प्रकृति से दूर होता जा रहा है तथा अपने स्वार्थ के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन कर रहा है। उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण के दो प्रमुख कारण मानसिक प्रदूषण और जीवनशैली में बदलाव को बताया। उनके अनुसार वृक्षों की अंधाधुंध कटाई, उद्योगों का विस्तार,थर्मल पावर परियोजनाएं,वाहनों एवं रेफ्रिजरेटर जैसे उपकरणों का बढ़ता उपयोग ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि मानव के विचारों का प्रकृति पर गहरा प्रभाव पड़ता है और सकारात्मक सोच के माध्यम से मानसिक प्रदूषण को कम किया जा सकता है। विद्या दीदी ने कहा कि संसार में तीन शक्तियां कार्य करती हैं—पुरुष (आत्मा),परम पुरुष (परमात्मा) और प्रकृति। जब आत्मा तमोप्रधान बनती है तो प्रकृति भी असंतुलित हो जाती है,जिससे प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से प्रकृति में सकारात्मक एवं शुद्ध ऊर्जा का संचार करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने पांच तत्वों की शुद्धि के लिए विशेष मेडिटेशन अभ्यास भी कराया। कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी ने कहा कि आज का मनुष्य बाहरी सुंदरता के प्रति अधिक आकर्षित हो रहा है, जबकि आंतरिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सार्थकता इसी में है कि हम प्रकृति को उससे बेहतर स्थिति में आने वाली पीढि़यों के लिए छोड़कर जाएं। उन्होंने परमपिता परमात्मा शिव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए पौधारोपण करने का आह्वान किया। वन विभाग के पूर्व रेंजर जयप्रकाश पाण्डेय ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए जंगलों को आग एवं मवेशियों से सुरक्षित रखने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उपाय बताए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर पर्यावरण जागरूकता से जुड़े नारे भी लगाए गए। पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में विकास गर्ग के फार्म हाउस, बगिया (अंबिकापुर) में भी ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur