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अम्बिकापुर@अंतिम प्रकाशन में बदलाव का विरोध,ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

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सर्वे पर रोक लगाकर पूर्व प्रकाशित राजस्व अभिलेख यथावत रखने की मांग…

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,02 जून 2026 (घटती-घटना)। शहर से लगे ग्राम खैरबार और चोरकाकछार के ग्रामीणों ने राजस्व सर्वे के अंतिम प्रकाशन में बदलाव का विरोध करते हुए कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूर्व में तैयार किए गए अधिकार अभिलेख, नक्शा और खसरा को यथावत रखा जाए तथा वर्तमान में जारी प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसील कार्यालय द्वारा उन्हें संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। साथ ही वर्तमान में प्रकाशित भू-अभिलेख से असर्वेक्षित भूमि के नक्शे को हटा दिया गया है। उनका कहना है कि वर्ष 1969 में हुए राजस्व सर्वे के दौरान अधूरा सर्वेक्षण किया गया था, जबकि खैरबार की भूमि पहले से सर्वेक्षित थी और वहां वर्षों से खरीदी-बिक्री होती रही है। वन अधिकार समिति खैरबार के अध्यक्ष रवि केरकेट्टा ने बताया कि राजस्व एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से सर्वे कर नक्शा, खसरा और भू-अधिकार अभिलेख तैयार किए गए थे। इसके बाद 1 फरवरी 2024 को प्रथम एवं अंतिम प्रकाशन किया गया था। इस संबंध में विशेष ग्राम सभा का प्रस्ताव भी पारित किया गया तथा प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अंतिम प्रकाशन के बाद तैयार अभिलेखों को सार्वजनिक नहीं किया गया।
उनका कहना है कि वन विभाग ने प्रकाशन के समय कोई दावा-आपत्ति प्रस्तुत नहीं की थी, लेकिन अब वर्ष 2026 में वन एवं राजस्व सीमा निर्धारण की नई प्रक्रिया शुरू की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा के प्रस्ताव और पूर्व प्रकाशन को नजरअंदाज करते हुए पुनः दावा-आपत्ति आमंत्रित की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि पूर्व में प्रकाशित अंतिम अभिलेखों को मान्य रखते हुए वर्तमान सर्वे प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।


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