Breaking News

अम्बिकापुर@ कोर्ट की प्रक्रिया को समझने हेतु विधि विद्यार्थियों ने किया मूट कोर्ट का प्रदर्शन

Share

अम्बिकापुर,24 मार्च 2026 (घटती-घटना)। न्यायालय की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने और विधि के विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से शासकीय पीजी कॉलेज के विधि विभाग द्वारा मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में एवं विधि विभाग के मूट कोर्ट प्रभारी डॉ. माधवेन्द्र तिवारी के निर्देशन में किया गया। मूट कोर्ट में विधि विभाग के छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर न्यायालयीन प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन किया। मूट कोर्ट की कार्यवाही ‘छत्तीसगढ़ राज्य बनाम रामलाल यादव’ प्रकरण पर आधारित थी। इस प्रकरण के माध्यम से विद्यार्थियों ने न्यायालय में होने वाली पूरी प्रक्रिया जैसे – वाद प्रस्तुत करना, गवाहों की परीक्षा एवं प्रतिपरीक्षा,साक्ष्य प्रस्तुत करना, अधिवक्ताओं द्वारा बहस करना तथा न्यायाधीश द्वारा निर्णय सुनाना-का क्रबद्ध एवं प्रभावी प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की विभिन्न धाराओं का उपयोग करते हुए अपने-अपने पक्ष को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। मूट कोर्ट में विद्यार्थियों ने न्यायाधीश,लोक अभियोजक,बचाव पक्ष अधिवक्ता,पीडि़त, विवेचक,गवाह तथा अर्दली जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन किया। विद्यार्थियों द्वारा निभाई गई भूमिकाएं अत्यंत प्रभावशाली एवं वास्तविक न्यायालयीन वातावरण को प्रदर्शित करने वाली थीं। न्यायाधीश की भूमिका निभाने वाले विद्यार्थी ने पूरी कार्यवाही को नियंत्रित किया, वहीं अधिवक्ताओं ने अपने-अपने पक्ष में प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। गवाहों की परीक्षा एवं जिरह की प्रक्रिया ने कार्यक्रम को और अधिक रोचक एवं ज्ञानवर्धक बना दिया। इस मूट कोर्ट में विद्यार्थी अमितेश मिश्रा,आलोक गुप्ता,आकाश लकड़ा,अमित यादव, प्रीतिका विश्वकर्मा,आंचल सोनी, शशिकांत पैकरा,रूप देव दास,प्रिंस कुशवाहा ने प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें न्यायालय की वास्तविक प्रक्रिया से परिचित कराना था,ताकि वे भविष्य में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी या विधि विशेषज्ञ के रूप में कार्य करते समय न्यायालयीन प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझ सकें। मूट कोर्ट के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तर्कशक्ति, वाद-विवाद कौशल तथा न्यायालयीन शिष्टाचार का विकास होता है, जो विधि के क्षेत्र में सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।


Share

Check Also

प्रतापपुर,@आवास मिला…लेकिन अधूरा

Share सूरजपुर में गरीबों के सपनों पर ‘किस्त’ का तालाप्रतापपुर ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित…मजदूरी भी …

Leave a Reply