- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा ‘यह खिलाडि़यों का महाकुभ’
- 2000 से अधिक खिलाडि़यों की भागीदारी,12 खेल विधाओं में मुकाबले

अम्बिकापुर,21 मार्च 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित सरगुजा ओलंपिक 2026 का भव्य आगाज़ सरगुजा जिले के अम्बिकापुर स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड में हुआ। तीन दिवसीय इस संभाग स्तरीय खेल महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया। उद्घाटन अवसर पर पूरे संभाग से आए खिलाडि़यों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों की बड़ी उपस्थिति ने आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया।
सपनों को नई उड़ान देने का मंच

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि खिलाडि़यों के सपनों को नई उड़ान देने का मंच है। उन्होंने इसे ’खिलाडि़यों का महाकुंभ’ बताते हुए कहा कि सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों से आए 2 हजार 190 से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें 1 हजार 44 महिला और 1 हजार 146 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं, जो 17 वर्ष से कम एवं 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
भावनाओं का किया सम्मान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बताया कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद सरगुजा में भी इस तरह के आयोजन की मांग उठी थी,जिसे सरकार ने प्राथमिकता दी। विकासखंड और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के बाद अब संभाग स्तर पर यह आयोजन किया जा रहा है।
ओलम्पिक में मैडल जीतने वाले खिलाडि़यों को मिलेगा करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि
उन्होंने खिलाडि़यों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाडि़यों को 21 लाख रुपये,स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही ’खेलो इंडिया’ के तहत स्टेडियम निर्माण और खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया है।
खिलाडि़यों के साथ-साय सरकार
केबिनेट मंत्री श्री श्रीराम विचार नेताम ने खिलाडि़यों से कहा अपनी खेल कौशल से परिवार,समाज,प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर से लेकर सरगुजा तक खेल प्रतिभाओ को मंच देने का कार्य कर रही है।
तीन दिवसीय आयोजन में
12 विधा पर दिखेगा हुनर
तीन दिवसीय इस खेल महोत्सव में कबड्डी,खो-खो, तीरंदाजी,फुटबॉल,वॉलीबॉल,हॉकी,कुश्ती,दौड़,बैडमिंटन और रस्साकशी सहित 12 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। आयोजन के लिए अम्बिकापुर के विभिन्न खेल स्थलों पीजी कॉलेज ग्राउंड, हॉकी स्टेडियम, गांधी स्टेडियम और मल्टीपरपज़ हॉल में व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। खिलाडि़यों और प्रशिक्षकों के लिए आवास, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य में पारित विभिन्न महत्वपूर्ण विधेयकों की भी जानकारी दी, जिनमें भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए कड़े प्रावधान शामिल हैं। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े,सरगुजा सांसद श्री चिंतामणी महाराज,लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर,जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह,नगर पालिक निगम अम्बिकापुर महापौर श्रीमती मंजूषा भगत,सरगुजा कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा,कलेक्टर श्री अजीत वसंत,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल,स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
गीता फोगाट ने दी सफल होने का मंत्र

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुश्ती खिलाड़ी गीता फोगाट की मौजूदगी खिलाडि़यों के लिए विशेष आकर्षण रही। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक छोटे से गाँव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचने के पीछे उनके पिता का प्रोत्साहन और उनकी मेहनत रही। उन्होंने खिलाडि़यों को संदेश दिया कि नशे से दूर रहकर कड़ी मेहनत और जुनून के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हार से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को समान अवसर देने की अपील की।
श्री विष्णु देव साय ने खिलाडि़यों को भेंट की वॉलीबॉल, कहा…’प्रतिभा को मिलेगा सही मंच और सम्मान’

सरगुजा ओलंपिक 2026 के शुभारंभ अवसर पर श्री विष्णु देव साय ने खिलाडि़यों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने खिलाडि़यों को वॉलीबॉल भेंट कर खेल भावना को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सशक्त करियर विकल्प बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने और निखारने की है, जिस दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बस्तर और सरगुजा संभाग के खिलाडि़यों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के युवाओं में खेल के प्रति अद्भुत उत्साह और समर्पण देखने को मिलता है। उन्होंने खिलाडि़यों से अपील की कि इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता को एक अवसर के रूप में लें और अपनी प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। श्री विष्णु देव साय ने कहा कि खेल में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन हार से निराश होने की बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने खिलाडि़यों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीत मिलने पर भी रुकना नहीं है, बल्कि अगले लक्ष्य के लिए और अधिक मेहनत करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम
अभियान’ के तहत किया पौधारोपण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरगुजा जिला प्रवास के दौरान अम्बिकापुर के राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र पहुंचे। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में आज विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत राज्य के राजकीय वृक्ष ‘साल’ के पौधे का रोपण किया। इस दौरान कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम,पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल,महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री चिंतामणी महाराज, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो,नगर निगम महापौर अम्बिकापुर श्रीमती मंजूषा भागत,पूर्व सांसद सरगुजा श्री कमलभान सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह,जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या सिंह सिसोदिया, कलेक्टर श्री अजीत वसंत,पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल उपस्थित रहे।
अंतिम क्षण तक लक्ष्य के लिए जुटे रहो-गीता फोगाट से मिलकर उत्साहित हुए खिलाड़ी, बोले…‘गीता दीदी हमारी रोल मॉडल’

शनिवार का दिन सरगुजा संभाग के हजारों खिलाडि़यों के लिए यादगार बन गया, जब सरगुजा ओलंपिक 2026 के शुभारंभ अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित गीता फोगाट से खिलाडि़यों को रूबरू मिलने का अवसर मिला। अम्बिकापुर प्रवास के दौरान 2 हजार से अधिक खिलाडि़यों ने उनसे मुलाकात कर प्रेरणा प्राप्त की। जैसे ही खिलाड़ी गीता फोगाट से मिले, पूरे मैदान में उत्साह का माहौल बन गया। खिलाडि़यों के चेहरों पर खुशी झलकने लगी और ’गीता दीदी जिंदाबाद’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। यह पल खिलाडि़यों के लिए बेहद प्रेरणादायक और यादगार बन गया। खिलाडि़यों को संबोधित करते हुए गीता फोगाट ने कहा कि सरगुजा की धरती खेल प्रतिभाओं के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने खिलाडि़यों को सफलता का मूल मंत्र देते हुए कहा, ’हार से बिल्कुल निराश न हों, खुद पर विश्वास रखें और अंतिम क्षण तक अपने लक्ष्य के लिए जुटे रहें, सफलता अवश्य मिलेगी।’ उन्होंने आगे कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र चाहे खेल हो, नौकरी, परीक्षा या व्यवसाय में आगे बढ़ने के लिए रुचि, जुनून और कड़ी मेहनत आवश्यक है। इसके साथ ही धैर्य, नशे से दूरी और सकारात्मक सोच सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने खिलाडि़यों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और पूरी लगन से अभ्यास करने की सलाह दी।
सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, कोरिया और एमसीबी जिलों से आए खिलाडि़यों ने गीता फोगाट को अपना रोल मॉडल बताते हुए कहा कि उनके संघर्ष और मेहनत से प्रेरणा मिलती है।खिलाडि़यों ने कहा कि ’गीता दीदी’ ने यह साबित किया है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित खिलाडि़यों ने भी राज्य सरकार के इस प्रयास की सराहना की। उनका कहना था कि सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से उन्हें न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला है, बल्कि एक नई पहचान और भविष्य के लिए नई उम्मीद भी जगी है।
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