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कोलकाता@चुनावी हिंसा पर ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाएगा आयोग : ज्ञानेश कुमार

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कोलकाता,09 मार्च 2026। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राजनीतिक दलों को आश्वस्त किया है कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनावी हिंसा के मामले में आयोग की नीति ‘शून्य सहनशीलता’ की होगी। कोलकाता में सोमवार को आयोजित बैठक के दौरान ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत में चुनाव पूरी तरह कानून के अनुसार कराए जाते हैं और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग कोई कसर नहीं छोड़ेगा। इस बैठक में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य विभिन्न राजनीतिक दलों की चिंताओं और सुझावों को सुनना तथा चुनाव प्रक्रिया को और मजबूत बनाने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था। बैठक को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया,जिसमें प्रत्येक राजनीतिक दल को अपनी बात रखने के लिए लगभग 15 मिनट का समय दिया गया। बैठक में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी के प्रतिनिधि मौजूद थे। राज्य स्तरीय दलों में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक के दौरान कुछ दलों ने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की सराहना भी की। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, कुछ प्रतिनिधियों ने भरोसा जताया कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने में मदद करेगी। इसके साथ ही कई दलों ने चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता भी जताई।
उन्होंने मतदाताओं को डराने-धमकाने की संभावनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। कुछ प्रतिनिधियों ने चुनाव के दौरान कच्चे बम, अवैध हथियारों के इस्तेमाल तथा धनबल और बाहुबल के प्रभाव की आशंका भी जताई। राजनीतिक दलों ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की मांग भी उठाई। साथ ही कई दलों ने सुझाव दिया कि मतदान एक या दो चरणों में कराया जाए ताकि हिंसा की संभावना कम हो और प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। इन चिंताओं के जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोहराया कि आयोग पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है।


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