- सरगुजा की शान बनी दर्शना : यूपीएससी में शानदार सफलता,आईपीएस बनने की प्रबल संभावना
- राशन दुकान संचालक की बेटी ने किया कमालः यूपीएससी में 383 वीं रैंक से बढ़ाया जिले का मान
- आईआईटी से यूपीएससी तक का शानदार सफरः जनकपुर की बेटी दर्शना सिंह ने रचा नया इतिहास
- एमसीबी जिले की बेटी का राष्ट्रीय मंच पर परचमः यूपीएससी में शानदार सफलता से बढ़ा छत्तीसगढ़ का मान
- साधारण परिवार,असाधारण उपलब्धिः भगवानपुर की दर्शना सिंह बनी युवाओं की प्रेरणा
-संवाददाता-
एमसीबी/जनकपुर,07 मार्च 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के छोटे से गांव भगवानपुर की बेटी दर्शना सिंह बघेल ने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दर्शना ने अपने दूसरे प्रयास में 383 वीं रैंक प्राप्त की है,जिसके साथ ही उनके भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन की प्रबल संभावना जताई जा रही है,दर्शना की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे एमसीबी जिले और सरगुजा संभाग को गौरवान्वित किया है। जैसे ही उनकी सफलता की खबर क्षेत्र में फैली, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव से लेकर शहर तक लोग इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण मान रहे हैं।
साधारण परिवार की बेटी ने रचा इतिहास
दर्शना सिंह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता अरुण सिंह जनकपुर में राशन दुकान संचालित करते हैं, जबकि उनकी माता सीमा सिंह नगर पंचायत में पार्षद हैं। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी दर्शना ने बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गहरी लगन दिखाई,परिवार की सादगी और माता-पिता के संस्कारों ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया,कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और निरंतर मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
स्थानीय स्कूल से आईआईटी कानपुर तक का सफर
दर्शना की प्रारंभिक शिक्षा जनकपुर के न्यू लाइफ स्कूल और मॉडल स्कूल में हुई। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय देना शुरू कर दिया था,इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, भगवानपुर से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की, इस परीक्षा में उन्होंने डीएवी बोर्ड में छत्तीसगढ़ स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया,उच्च शिक्षा के लिए दर्शना का चयन देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर में हुआ, जहां से उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश सेवा का सपना लेकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
दूसरे प्रयास में मिली सफलता
दर्शना ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। पहले प्रयास से मिले अनुभव को उन्होंने अपनी ताकत बनाया और दूसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए 383वीं रैंक हासिल कर ली,इस रैंक के साथ उनके भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो वे सरगुजा संभाग की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनेंगी।
माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू
बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता पर पिता अरुण सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि दर्शना बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रही है और उसने हमेशा मेहनत और अनुशासन को अपनी ताकत बनाया, उन्होंने कहा,‘दर्शना की सफलता ने पूरे सरगुजा संभाग का मान बढ़ाया है। यदि वह आईपीएस बनती है तो यह हमारे लिए ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात होगी।’ वहीं उनकी माता सीमा सिंह ने इस सफलता का श्रेय कुलदेवी मां चांग देवी के आशीर्वाद और बेटी की मेहनत को दिया,उन्होंने कहा कि दर्शना ने हर परिस्थिति में धैर्य और दृढ़ निश्चय के साथ अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी दर्शना
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए दर्शना सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि उन सभी विद्यार्थियों के लिए एक संदेश है जो छोटे गांवों और कस्बों से आते हैं, उन्होंने कहा अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो छोटे गांव से निकलकर भी देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है, मैं अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और गांव के लोगों के सहयोग को देती हूं, दर्शना ने युवाओं से अपील की कि वे अपने सपनों को छोटा न समझें और पूरी लगन के साथ मेहनत करें।
क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल
दर्शना की सफलता की खबर मिलते ही एमसीबी जिले और सरगुजा संभाग में खुशी का माहौल बन गया,सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और गांव में भी जश्न जैसा माहौल देखने को मिला,ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बनेगी।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दी बधाई…

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फोन पर दर्शना सिंह से चर्चा कर उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की,मंत्री ने कहा कि दर्शना की सफलता जिले के हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं, उन्होंने दर्शना के माता-पिता को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह पूरे एमसीबी जिले के लिए गर्व का क्षण है।
विधायक रेणुका सिंह ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

विधायक रेणुका सिंह ने दर्शना की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र से निकलकर यूपीएससी में सफलता प्राप्त करना यह साबित करता है कि ग्रामीण अंचल की बेटियों में अपार प्रतिभा है,उन्होंने कहा कि दर्शना ने न केवल अपने माता-पिता का बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भी दी बधाई…
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने दर्शना की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह भरतपुर-सोनहत विधानसभा और चांग-भखार विकासखंड के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है, उन्होंने कहा कि भगवानपुर की बेटी दर्शना सिंह ने अपनी मेहनत से पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है और उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढि़यों के लिए प्रेरणा बनेगी।
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