रायपुर,02 फरवरी 2026। डाक बचत खातों में हुई बड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भारतीय डाक विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए खाताधारकों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने एजेंट एवं विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत को सेवा में गंभीर कमी मानते हुए डाक विभाग को 1.91 करोड़ रुपये से अधिक की परिपक्वता राशि ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है। परिवादी अनिल कुमार पाण्डेय, उनकी पत्नी एवं पुत्री द्वारा डाक बचत अभिकर्ता भूपेन्द्र पाण्डेय एवं आकांक्षा पाण्डेय के माध्यम से पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय डाकघर में अगस्त 2016 से नवंबर 2020 के बीच कुल 19 टीडीआर खाते एवं 2 आवर्ती जमा खाते खोले गए थे। इन खातों की कुल परिपक्वता राशि 1 करोड़ 97 लाख 42 हजार 705 रुपये थी। परिवादियों के अनुसार,पूर्व में परिपक्व खातों की राशि के पुनर्निवेश के लिए पोस्टमास्टर के नाम से चेक जारी किए गए थे।
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