एपस्टीन फाइल के मुद्दे पर पीएम मोदी पर भी उठाया सवाल
रायपुर,02 फरवरी 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वर्ष मात्र 53 दिनों तक ही धान खरीदी की, जबकि पहले 75 दिनों की घोषणा की गई थी। अंतिम तिथि 31 जनवरी थी, लेकिन अंतिम दो दिन शनिवार और रविवार होने के कारण खरीदी नहीं हो सकी, जिससे लाखों किसान धान बेचने से वंचित रह गए। दीपक बैज ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि सरकार ने इस वर्ष 165 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य तय किया था, लेकिन केवल 139 लाख 85 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी हो सकी। यानी लक्ष्य से करीब 25 लाख मीट्रिक टन कम। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन खरीदी हुई थी, जबकि इस वर्ष 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन कम धान खरीदा गया। उन्होंने कहा कि कुल 27 लाख किसानों का पंजीयन हुआ था, लेकिन इनमें से करीब 2.5 लाख किसान अपना धान नहीं बेच सके। वहीं, लगभग 5 लाख किसान एग्रीस्टेक पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण पंजीयन से ही वंचित रह गए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की सहमति के बिना जबरन रकबा सरेंडर कराया गया और पहले से जारी टोकन भी निरस्त कर दिए गए। उन्होंने कहा कि टोकन नहीं मिलने और खरीदी नहीं होने के कारण महासमुंद,कवर्धा, कोरबा जैसे जिलों में कई किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया,जबकि एक किसान ने आत्महत्या भी कर ली। यह स्थिति बताती है कि धान खरीदी व्यवस्था के कारण किसान गंभीर संकट में हैं। नारायणपुर, बलरामपुर और बस्तर को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में 5 प्रतिशत से 32 प्रतिशत तक कम धान खरीदी हुई है।
गरियाबंद की घटना कानून व्यवस्था की विफलता : दीपक बैज
दीपक बैज ने गरियाबंद जिले के दुतकैया गांव में एक समुदाय के घर जलाए जाने की घटना को बेहद दुर्भाग्यजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना पुलिस और सरकार की लापरवाही का परिणाम है। यदि समय रहते अराजक तत्वों पर कार्रवाई होती तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार,कवर्धा,बलरामपुर के बाद अब गरियाबंद में भी जनता ने कानून हाथ में लिया है। इससे साफ है कि लोगों का सरकार और कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। केंद्र सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि एक बार फिर छत्तीसगढ़ की उपेक्षा हुई है। बजट में राज्य का उल्लेख केवल विशेष कॉरिडोर तक सीमित रहा,वह भी राज्य की जनता के लिए नहीं बल्कि खनिज दोहन को आसान बनाने के लिए। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों के विकास के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
एपस्टीन फाइल को लेकर
भाजपा की चुप्पी पर सवाल
दीपक बैज ने एपस्टीन फाइल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री और भाजपा को स्पष्ट जवाब देना चाहिए,क्योंकि इससे देश की छवि प्रभावित हो रही है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur