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अम्बिकापुर@लकरालता की दुर्गम पहाडिय़ों में शव ले जाने की विकट स्थिति,सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,01 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। सीतापुर थाना क्षेत्र के भारतपुर-लकरालता की दुर्गम पहाडिय़ों में एक बार फिर मानव पीड़ा की दुखद तस्वीर सामने आई है। 29 दिसंबर को लापता हुए सुरेन्द्र तिर्की का शव 31 दिसंबर को लकरालता (चीनीपानी) तालाब में मिला। परिजनों के अनुसार, सुरेन्द्र मछली पकडऩे के लिए तालाब गया था, और इसी दौरान पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। हालांकि, शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए उसे अस्पताल तक पहुंचाने में परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसे लेकर अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सुरेन्द्र तिर्की का शव मिलते ही पुलिस ने मर्ग पंचनामा की कार्रवाई पूरी की, लेकिन असली संकट शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीतापुर तक पहुंचाने में आया। भारतपुर पंचायत तक सडक बनी हुई है, लेकिन लकरालता टोला तक सडक नहीं होने के कारण शव वाहन वहां नहीं पहुंच सका। इसके परिणामस्वरूप, परिजनों को ग्रामीणों की मदद से शव को खाट पर रखकर करीब 5 किमी पैदल चलकर भारतपुर तक लाना पड़ा। यहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए सीतापुर शव वाहन से भेजा गया। यहां तक कि पोस्टमार्टम के बाद भी शव को घर ले जाने में वही परेशानी सामने आई। बिना एंबुलेंस और सडक के अभाव में परिजनों को खाट पर शव ढोने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में एक व्यक्ति शव को खाट पर रखकर पहाड़ी रास्ते से लेकर जा रहा है, जिससे इलाके की बदहाल स्थिति को उजागर किया जा रहा है।
लकरालता में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
लकरालता टोला पहाड़ी पर बसा हुआ है, जो कि कच्ची सडक से जुड़ा हुआ है। इस इलाके में 14 से 15 परिवार रहते हैं, और सडक की भारी कमी के कारण यहां वाहनों का प्रवेश नहीं हो पाता। खासकर बीमार पडऩे या किसी का शव ले जाने की स्थिति में स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग या तो पैदल यात्रा करने के लिए मजबूर होते हैं या फिर खाट पर शव को ढोने जैसी विकट स्थिति से गुजरते हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने एक बयान जारी किया। कांग्रेस ने कहा कि यह स्थिति इस बात की पुष्टि करती है कि छत्तीसगढ़ में लोगों को बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। पार्टी ने ट्वीट किया, ‘यह है तथाकथित चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की सच्चाई। छत्तीसगढ़ में लोग एंबुलेंस के अभाव में चारपाई पर अपनों की देह ले जाने को मजबूर हैं। यह कोई अपवाद नहीं, यह मोदी सरकार के विकास के खोखले दावों की जमीनी हकीकत है। ‘
सडक निर्माण की
स्वीकृति और भूमिपूजन

हालांकि,इस इलाके में सडक निर्माण की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है, और इसका भूमिपूजन भी किया जा चुका है। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सडक का निर्माण जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्रीय निवासियों की समस्या का समाधान होगा और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।


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