नई दिल्ली,01 जनवरी 2026। केंद्र सरकार की ओर से सिगरेट पीने वाले और पान मसाला खाने वालों को तगड़ा झटका लगा है। सरकार ने एक फरवरी 2026 से एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। इस मामले में एक आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। दिसंबर 2025 में केंद्र ने एक नए कानून ‘सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025’ को मंजूरी दी थी। एक्साइज ड्यूटी प्रोडक्ट की लंबाई के आधार पर प्रति हजार स्टिक पर 2050 रुपये से 8500 रुपये की रेंज में लगाई जाएगी। यह ड्यूटी मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर के ऊपर अतिरिक्त होगी। सरकार का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स व्यवस्था को और अधिक कड़ा बनाना है। इस फैसले के बाद सिगरेट के दामों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि तंबाकू उत्पादों की खपत को हतोत्साहित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर सख्ती बरतना भी है। सूत्रों के अनुसार, ड्यूटी और सेस उत्पाद बनाने वाली मशीनरी की उत्पादन क्षमता के आधार पर तय होगा। यानी जितनी क्षमता से उत्पादन होगा, उसी हिसाब से टैक्स की दर निर्धारित होगी।
सिगरेट पर 40′
लगेगा जीएसटी टैक्स
अधिसूचना के अनुसार, तंबाकू और पान मसाला पर लगाए जाने वाले नए कर (लेवी) लागू जीएसटी दरों के अतिरिक्त होंगे। ये नए प्रावधान मौजूदा जीएसटी मुआवजा उपकर की जगह लेंगे, जो फिलहाल ‘सिन प्रोडक्ट्स’ पर अलग-अलग दरों पर लगाया जाता है। एक फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े अन्य उत्पादों पर जीएसटी के तहत 40 फीसदी टैक्स लगेगा।
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