-संवाददाता-
अम्बिकापुर,30 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान सरगुजा में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उनके आगमन पर कांग्रेस पार्टी के भीतर एक गुटबाजी भी देखने को मिली, जिससे राजनीतिक माहौल गरम हो गया। जहां एक गुट ने उनका स्वागत किया, वहीं जिला कांग्रेस कमेटी इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रही। इस मुद्दे पर भूपेश बघेल ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वे यहां किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं, बल्कि एक पारिवारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हैं। भूपेश बघेल ने पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ को ‘उजाडऩे’ की साजिश रच रही है। उनका कहना था कि सरगुजा में एसईसीएल परियोजना के प्रभावितों को मुआवजा नहीं दिया गया और इसके बावजूद जमीन की खुदाई का काम शुरू कर दिया गया, जिसके चलते स्थानीय लोग आक्रोशित हुए और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं हुईं। रायगढ़ जिले के तमनार इलाके में भी उन्होंने भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया, जहां 14 दिन से हड़ताल कर रहे लोगों की आवाज नहीं सुनी गई और इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। भूपेश बघेल ने इस घटनाक्रम को प्रदेश सरकार की असंवेदनशीलता का प्रमाण बताया और आरोप लगाया कि यह स्थिति हर जगह बन रही है, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ता जा रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांतिपूर्ण प्रदेश रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार के राज में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ती जा रही है। इस दौरान उन्होंने रामगढ़ पहाड़ का उल्लेख भी किया, जहां उन्होंने इसे 5000 साल पुराना ऐतिहासिक धरोहर बताया और कहा कि इसे राम वनगमन पर्यटन परिपथ में शामिल कर सौंदर्यीकरण किया गया था। लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा इस तरह के ऐतिहासिक धरोहरों को नष्ट करने का आरोप उन्होंने लगाया। एक और विवादास्पद बयान देते हुए भूपेश बघेल ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाबा शास्त्री लोगों से चंदा लेने की गतिविधि बंद करें। उनका आरोप था कि ये लोग अंधविश्वास फैलाते हैं और धन की उगाही करते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में आकर केवल धार्मिक ज्ञान की बातें करें, न कि अंधविश्वास का प्रचार करें। भूपेश बघेल ने यहां तक कहा कि अगर पर्ची पर विश्वास होता, तो बाबा शास्त्री खुद अस्पताल में बैठकर इलाज करते और प्रदूषण भी खत्म कर देते। इसके बाद, भूपेश बघेल ने सूरजपुर के लिए अपनी यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे वहां शशि सिंह से मिलने जा रहे हैं,जो अब सूरजपुर की कांग्रेस अध्यक्ष बनी हैं। बघेल ने यह भी बताया कि वे पेंड्रा-मरवाही जाएंगे। भूपेश बघेल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके सरगुजा दौरे का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था,बल्कि यह एक पारिवारिक कार्यक्रम था। कार्यक्रम में सरगुजा जिले के कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने इसे ज्यादा महत्व नहीं दिया और कहा कि यह किसी राजनीतिक कार्यक्रम से जुड़ा नहीं था। इस तरह से भूपेश बघेल का यह दौरा कई मुद्दों पर चर्चा का केंद्र बन गया,जिसमें प्रदेश की राजनीति, भाजपा सरकार की नीतियां और धार्मिक संस्थाओं के कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणियां शामिल थीं।
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