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डिब्रूगढ़@पीएम नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ में अमोनिया-यूरिया प्लांट का किया उद्घाटन

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बांग्लादेशी घुसपैठिए कांग्रेस ने ही बसाए,उन्हें बचा भी रही,इसलिए एसआईआर का विरोध : पीएम मोदी


डिब्रूगढ़,21 दिसम्बर 2025। असम दौरे के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ में अमोनिया-यूरिया प्लांट का उद्घाटन किया, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन होगी। यह यूनिट 2030 तक चालू हो जाएगी। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले किसानों को खाद के लिए ं खानी पड़ती थीं। जो काम कांग्रेस को उस समय करना था, उसने नहीं किया। इसलिए मुझे एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को कांग्रेस ने ही बसाया है और कांग्रेस ही उन्हें बचा रही है। एसआईआर का विरोध कर रही है। तुष्टिकरण और वोट बैंक के इस कहर से हमें असम को बचाकर रखना है। मैं आपको गारंटी देता हूं कि असम की पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए भाजपा फौलाद बनकर खड़ी है। इससे पहले पीएम ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज पर 25 बच्चों के साथ करीब 45 मिनट परीक्षा पे चर्चा भी की। मोदी ने नामरूप में ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्प लिमिटेड के मौजूदा परिसर में नए फर्टिलाइजर यूनिट की आधारशिला रखी। पीएम मोदी ने कहा- हमारा लक्ष्य असम को उतना ही शक्तिशाली बनाना है जितना वह सदियों पहले अहोम राजवंश के समय था। हमारे किसानों को खाद की सप्लाई मिलती रहे। डिब्रूगढ़ का यह फर्टिलाइजर प्लांट किसानों की जरूरत को पूरा करेगा। इसमें 11 हजार करोड़ रुपए इंवेस्ट किए जाएंगे। जब देश के कई हिस्सों में खाद की आपूर्ति चुनौती बनी और पुरानी टेक्नोलॉजी खत्म होती गई। तो ऐसे समय में तब की कांग्रेस सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। एक समय किसानों के क्या हालात थे। यूरिया के लिए किसानों को लाइनों में घंटों-घंटों तक लगना पड़ता था। यूरिया की दुकानों पर पुलिस लगानी पड़ती थी। पुलिस किसानों पर लाठी बरसाती थी।
कांग्रेस ने जिन हालातों को बिगाड़ा था, हमारी सरकार उन्हें सुधारने के लिए ऐड़ी-चोटी की ताकत लगा रही है। और इन्होंने इतना बुरा किया, इतना बुरा किया कि 11 साल से मेहनत करने के बाद भी मुझे अभी बहुत कुछ करना बाकी है। खेती में बढ़ती तकलीफों का कांग्रेस ने हल ही नहीं निकाला। वह अपनी मस्ती में ही रही। आज हमारी सरकार उन परेशानियों को खत्म करने का काम कर रही है।
हम यूरिया 3 हजार रुपए में लाते हैं, लेकिन अपने किसान भाईयों को 300 रुपए में देते हैं। यह सारा बोझ हम किसानों पर नहीं पड़ने देते। यह सारा बोझ सरकार उठाती है, जिससे यह बोझ किसानों पर न आए।
इसलिए आपको भी मेरी मदद करनी होगी। हम धरती को नहीं बचाएंगे तो इस पर कितनी भी यूरिया डालें। धरती मां हमें नहीं बचाएंगी। हमें उन्हें ज्यादा यूरिया से बचाना है।
असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी…
पीएम मोदी परीक्षा पे चर्चा के बाद शहीद स्मारक पहुंचे। जहां 1985 में अवैध प्रवासियों के खिलाफ असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने आंदोलन के पहले शहीद खरगेश्वर तालुकदार की प्रतिमा पर माला चढ़ाई। छह साल तक चले आंदोलन के 860 शहीदों की याद में यहां एक दीया हमेशा जलता रहता है। 170 करोड़ रुपए की लागत से बने इस स्मारक में पानी के कुंड, ऑडिटोरियम, प्रेयर रूम, साइकिल ट्रैक और साउंड एंड लाइट शो जैसी सुविधाएं हैं, जो असम आंदोलन और राज्य के इतिहास के विभिन्न पहलुओं को उजागर करेगा।
हमारी सरकार लगा रही पूरा जोर : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी शैली में कांग्रेस को जमकर घेरा। पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारी डबल इंजन की सरकार कांग्रेस द्वारा पैदा की गई समस्याओं का समाधान भी कर रही है। असम की तरह देश के दूसरे राज्यों में भी खाद की कितनी ही फैक्टि्रयां बंद हो गई थी। पहले यूरिया के लिए किसानों को लाइनों में लगना पड़ता था, पुलिस किसानों पर लाठी बरसाती थी। कांग्रेस ने जिन हालातों को बिगाड़ा था, हमारी सरकार उन्हें सुधारने के लिए एड़ी-चोटी की ताकत लगा रही है। आज असम और पूरे नॉर्थ-ईस्ट के लिए बहुत बड़ा दिन है। नामरूप और डिब्रूगढ़ को लंबे समय से जिसका इंतजार था, वो सपना भी आज पूरा हो रहा है। आज इस पूरे इलाके में औद्योगिक प्रगति का नया अध्याय शुरू हो रहा है। अभी थोड़ी देर पहले यहां अमोनिया-यूरिया फर्टिलाइजर प्लांट का भूमिपूजन किया है। डिब्रूगढ़ आने से पहले गुवाहाटी में एयरपोर्ट की एक टर्मिनल का उद्घाटन भी हुआ है। आज हर कोई कह रहा है- असम विकास की नई रफ्तार पकड़ चुका है।
विकसित भारत में असम की बड़ी भूमिका : मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को और देश के सभी किसान भाई-बहनों को इस आधुनिक फर्टिलाइजर प्लांट के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं। बीजेपी की डबल इंजर सरकार में उद्योग और कनेक्टिविटी की ये जुगलबंदी असम के सपनों को पूरा कर रही है और साथ ही हमारे युवाओं को नए सपने देखने का हौसला भी दे रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में देश के किसानों की, यहां के अन्नदाताओं की बहुत बड़ी भूमिका है। इसलिए हमारी सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए दिन-रात काम कर रही है। असम वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल कंपनी लिमिटेड (एवीएफसीसीएल) की वार्षिक यूरिया उत्पादन क्षमता 12.7 लाख मीट्रिक टन होगी, और इसका संचालन 2030 में शुरू होने की उम्मीद है। इस वर्ष जुलाई में, डिब्रूगढ़ जिले के नामरूप में एवीएफसीसीएल को स्थापित किया गया था। मार्च में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजॉर कॉर्प लिमिटेड (बीवीएफसीएल) के मौजूदा परिसर में एक नया संयंत्र स्थापित करने को मंजूरी दी थी।


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