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गुवाहाटी@असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौत

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ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे, कोहरे के कारण हादसे की आशंका
गुवाहाटी, 20 दिसम्बर 2025। असम के होजाई जिले में शनिवार सुबह हाथियों का एक झुंड सैरंग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। हादसे में सात हाथियों की मौत हो गई और एक हाथी का बच्चा घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में ट्रेन का इंजन और पांच कोच भी पटरी से उतर गए। यह हादसा सुबह 2ः17 बजे चांगजुराई गांव के पास हुई। शुरुआत में आठ हाथियों के मारे जाने की सूचना थी, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि एक हाथी का बच्चा जिंदा है और गंभीर रूप से घायल है। हादसे में किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है। नगांव के डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर सुहास कदम ने बताया कि इलाके में घना कोहरा होने के कारण यह हादसा हुआ होने की आशंका है। मृत हाथियों का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है, जबकि स्थानीय पशु चिकित्सक घायल हाथी का इलाज कर रहे हैं।
पटरी से उतरे कोचों को छोड़कर ट्रेन 4 घंटे बाद रवाना हुई
एनएफआर अधिकारी ने बताया कि सैरांग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस मिजोरम के सैरांग (आइजोल के पास) से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल तक जाती है। हादसे के बात पटरी से उतरे कोचों के यात्रियों को अस्थायी रूप से अन्य डिब्बों में खाली बर्थ पर शिफ्ट किया गया। फिर प्रभावित कोचों को हटाकर बाकी ट्रेन 4 घंटे बाद, सुबह 6ः11 बजे गुवाहाटी के लिए रवाना हुई। गुवाहाटी में ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े गए, जिनमें यात्रियों को बैठाया गया। इसके बाद ट्रेन ने अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू की। अधिकारी के मुताबिक, प्रभावित सेक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों को अप लाइन से डायवर्ट किया गया था। मौके पर ट्रैक बहाली का काम जारी है। एनएफआर के जनरल मैनेजर और लुमडिंग के डिवीजनल रेलवे मैनेजर ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया।
इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बावजूद हाथी ट्रेन से टकराए
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि हादसा गुवाहाटी से करीब 126 किलोमीटर दूर लुमडिंग डिवीजन के तहत जमुनामुख-कांपुर सेक्शन में हुआ। हादसे वाली जगह अधिसूचित हाथी कॉरिडोर नहीं है। अधिकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड अचानक ट्रेन के सामने आ गया। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन इसके बावजूद हाथी ट्रेन से टकरा गए। फॉरेस्ट ऑफिसर ने बताया कि मृत हाथियों का अंतिम संस्कार घटनास्थल के पास ही किया जाएगा।


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