लातूर,13 दिसम्बर 2025। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल का शनिवार को महाराष्ट्र के लातूर जिले में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन और संस्कार में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, कर्नाटक सरकार के मंत्री ईश्वर खंड्रे सहित कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग शामिल हुए। लिंगायत समुदाय के प्रमुख सदस्य रहे शिवराज पाटिल को लातूर से करीब छह किलोमीटर दूर वरवंती गांव में उनके खेत में परंपरागत लिंगायत रीति-रिवाज के अनुसार समाधि दी गई। उन्हें ध्यान मुद्रा में बैठी अवस्था में दफनाया गया। इस परंपरा के अनुसार माना जाता है कि आत्मा सीधे शिव में विलीन हो जाती है।
और पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाती है। अंतिम संस्कार से पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के तहत बंदूकों की सलामी भी दी गई। शिवराज पाटिल का शुक्रवार को संक्षिप्त बीमारी के बाद लातूर में निधन हो गया था। वे 90 वर्ष के थे। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1935 को हुआ था। उन्होंने 1967 में लातूर नगर पालिका के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। पाटिल सात बार लगातार लातूर से लोकसभा सदस्य चुने गए और लोकसभा अध्यक्ष भी रहे। वे 2004 में केंद्रीय गृह मंत्री बने, लेकिन 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 2008 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका योगदान भारतीय राजनीति में सदैव याद किया जाएगा।
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