मुंबई,12 दिसम्बर 2025। महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे की चेतावनी के एक दिन बाद ही राज्य विधानसभा में बड़ा कदम उठाया गया है। लोकायुक्त कानून, 2023 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब राज्य सरकार द्वारा नियुक्त आईएएस अधिकारी भी लोकायुक्त की जांच के दायरे में आएंगे। सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करेगा और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा। विधानसभा में यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। फडणवीस ने कहा कि संशोधन से यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-कौन लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में आएंगे और इससे कानून के क्रियान्वयन में अस्पष्टता दूर होगी। उन्होंने बताया कि राज्य के बोर्ड, निगम, समितियों या किसी भी सरकारी संस्था में तैनात वे सभी अधिकारी,जिन्हें सीधे राज्य सरकार ने नियुक्त किया है,अब इस ऐक्ट के तहत जांच के दायरे में शामिल होंगे। हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि लोकायुक्त कानून को महाराष्ट्र में कब से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। अन्ना हजारे इसी मुद्दे पर नाराज हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जनवरी 2026 से पहले कानून लागू नहीं करती, तो वे आमरण अनशन करेंगे। हजारे का लोकपाल व लोकायुक्त कानून को लागू कराने का संघर्ष नया नहीं है। यूपीए सरकार के दौरान उनके आंदोलन ने देशभर में व्यापक समर्थन हासिल किया था।
जिससे निकली आम आदमी पार्टी ने बाद में दिल्ली और पंजाब की सत्ता तक पहुंच बनाई। सरकार का मानना है कि नए संशोधन से राज्य और केंद्र के नियमों में तालमेल बेहतर होगा और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी।
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