-संवाददाता-
अम्बिकापुर,09 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में पहली बार रीनल बायोप्सी सफलतापूर्वक की गई। इस प्रक्रिया के शुरू होने से अब क्षेत्र के लोगों को किडनी संबंधी जटिल बीमारियों की जांच के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह बायोप्सी हाल ही में संस्थान में पदस्थ हुए डॉ. ऋषभ गुप्ता, नेफ्रोलॉजिस्ट द्वारा की गई। विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति के बाद यह जीएमसी में नेफ्रोलॉजी सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह प्रक्रिया अल्ट्रासाउंड गाइडेंस की सहायता से पूरी की गई और मरीज की स्थिति स्थिर है। रीनल बायोप्सी से ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस, नेफ्रोटिक सिंड्रोम, अज्ञात कारणों से किडनी फेल होने जैसी गंभीर स्थितियों के सटीक निदान में मदद मिलती है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, जिन्हें पहले रायपुर, रांची या वाराणसी जैसे शहरों में महंगे सफर और देरी से गुजरना पड़ता था।
‘मेडिकल शिक्षा और उपचार को मिलेगी मजबूती’ : डॉ. ऋषभ गुप्ता ने जीएमसी में नेफ्रोलॉजी प्रक्रियाओं की सफल शुरुआत पर संतोष व्यक्त किया और बताया कि लक्ष्य जिले में समग्र किडनी उपचार सेवाओं—जैसे डायलिसिस, नियमित रीनल क्लिनिक और रोगों की शीघ्र पहचान—को मजबूत करना है। जीएमसी के डॉक्टरों और प्रशिक्षु विद्यार्थियों ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा कि इससे मेडिकल शिक्षा और उपचार दोनों को मजबूती मिलेगी। इस उपलब्धि के साथ, सीएमसी अंबिकापुर अब उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए एक उन्नत तृतीयक उपचार केंद्र बनने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur