-संवाददाता-
अम्बिकापुर,27 नवम्बर 2025
(घटती-घटना)।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के बीमारी की संपूर्ण जांच नहीं हो पा रही है। इसका मुख्य कारण रीएजेंट केमिकल की कमी है। हमर लैब में रीएजेंट न होने के कारण लिवर,किडनी, हृदय और शुगर की जांच बंद है। जबकि स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने स्थानीय स्तर पर खरीदी करने की अनुमति देने की बात कही थी। इसके बावजूद भी रीएजेंट की व्यवस्था सीएमएचओ व मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन द्वारा नहीं की जा रही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब में महंगी जांच करवानी पड़ रही है। इससे खासकर गर्भवती महिलाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के संभागीय क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कई महीनों से मरीजों के लिवर, किडनी,हृदय और शुगर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की जांच नहीं हो पा रही है। इसका मुख्य कारण है रीएजेंट की कमी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लंबे समय से रीएजेंट की कमी बनी हुई है। इस कारण गंभीर बीमारियों से जुड़ी जांच नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में मरीजों को बाहर निजी पैथोलैब में जांच करानी पड़ रही है। उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्र से आए गरीब मरीजों को हो रही है। जानकारी के अभाव में उन्हें परेशान होना पड़ता है।
स्थानीय स्तर पर खरीदी के थे निर्देश
कुछ दिन पूर्व अंबिकापुर पहुंचे स्वाथ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से पत्रकारों ने अस्पताल में रीएजेंट की कमी की बात कही थी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि स्थानीय स्तर पर सीएमएचओ व मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन को रीएजेंट खरीदने की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद भी व्यवस्था नहीं सुधर पा रही है।
लैब का स्टोर प्रभार कलेक्टर दर के कर्मचारी को
हमर लैब के स्टोर की जिम्मेदारी कलेक्टर दर पर कार्यरत अतुल गुप्ता को दी गई है। जबकि लैब में 10-12 नियमित व सीनियर लैब टेक्निशियन कार्यरत हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा लैब के स्टोर की जिम्मेदारी नियमित लैब टेक्निशियन को न देकर जूनियर कलेक्टर दर पर कार्यरत टेक्निशियन अतुल गुप्ता को दी गई है। लैब में कार्यरत टेक्निशियन का कहना है कि अतुल गुप्ता समय पर ड्यूटी भी नहीं पहुंचता है। इस वजह से समय पर स्टोर से सामान नहीं मिल पाने के कारण जांच भी प्रभावित होती है। पूर्व में सीजीएमएससी द्वारा स्थानीय स्तर पर रीएजेंट खरीदी करने की अनुमति मिली थी। वर्तमान में अनुमति नहीं है। इस कारण ओपीडी के मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। रीएजेंट मिलने के बाद मरीजों की संपूर्ण जांच की जाएगी। वहीं कॉन्टे्रक्ट कर्मी को लैब स्टोर का प्रभार दिए जाने की जानकारी मुझे नहीं है। पता कराता हूं।
डॉ. आरसी आर्या, अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर
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