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नई दिल्ली@कमला पसंद कंपनी के मालिक की बहू दीप्ति ने आत्महत्या की

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भाई का आरोप…पति और सास मारपीट करते थे


नई दिल्ली,26 नवम्बर 2025। देश की मशहूर पान मसाला कंपनी कमला पसंद और राजश्री के मालिक कमल किशोर चौरसिया की बहू दीप्ति चौरसिया (38) ने दिल्ली के वसंत विहार स्थित अपने घर में मंगलवार शाम आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार दीप्ति का शव ड्रेसिंग रूम के पंखे से लटका हुआ मिला। दीप्ति का शव सबसे पहले उसके पति हरप्रीत चौरसिया ने देखा। हरप्रीत उन्हें लेकर अस्पताल गए, जहां दीप्ति को मृत घोषित कर दिया गया। न्यूज एजेंसी ्रहृढ्ढ के मुताबिक, पुलिस को एक डायरी मिली है, जिसमें दीप्ति ने अपने पति के साथ विवाद का जिक्र किया है। दीप्ति ने डायरी में लिखा, ‘अगर किसी रिश्ते में प्यार और भरोसा नहीं तो फिर उस रिश्ते में रहने की और जीने की वजह क्या है। अब और नहीं सहन होता। बेटे को मां का आशीर्वाद।’ पुलिस के मुताबिक, दीप्ति और उनके पति अलग-अलग घरों में रहते थे। दीप्ति की 2010 में हरप्रीत चौरसिया से शादी हुई थी। दोनों का 14 साल का एक बेटा है। बताया जा रहा है कि हरप्रीत ने दो शादियां की हैं। दूसरी पत्नी दक्षिण भारतीय फिल्मों की एक्ट्रेस हैं। उसके साथ भी हरप्रीत की एक बेटी है। दीप्ति चौरसिया के भाई ऋषभ ने बताया कि मेरे जीजा (हरप्रीत) के कई अवैध संबंध थे। शादी के बाद से ही दोनों के अच्छे संबंध नहीं थे।
2011 में भांजे की डिलीवरी के बाद हमें पता चला कि जीजा और सास मेरी बहन के साथ मारपीट करते हैं। हम अपनी बहन को कोलकाता में अपने घर ले आए थे, लेकिन उसकी सास उसे वापस ले गई थी। ऋषभ ने कहा- उसके बाद भी बहन के साथ उन्होंने मारपीट जारी रखा।

मेरी बहन मुझे फोन करके कहती थी कि उसे प्रताडि़त किया जा रहा है। बहन का पति उसके साथ मारपीट करता था। मुझे नहीं पता कि मेरी बहन की हत्या हुई या उसने आत्महत्या की। मैंने 2-3 दिन पहले उससे बात की थी। मुझे बस न्याय चाहिए। कमला पसंद के मालिक के फैमिली एडवोकेट राजेंद्र सिंह ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा- मीडिया में जो भी बताया जा रहा है वह पूरी तरह से झूठ है। सुसाइड नोट में कोई आरोप नहीं है। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है। हमें नहीं पता कि सुसाइड की वजह क्या है।
कानपुर में छोटी सी गुमटी से शुरू हुई थी कंपनी
कमला पसंद पान मसाला के संस्थापक कमलाकांत चौरसिया और कमल किशोर चौरसिया हैं। कंपनी 1973 में रजिस्टर्ड हुई थी। हालांकि पान मसाला और गुटखा बनाने-बेचने का असल व्यापार 1980 के दशक में शुरू हुआ था।


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