Breaking News

अंबिकापुर@नई सड़क की गुणवत्ता पर सोशल मीडिया में फूटा जनाक्रोश

Share


-संवाददाता-
अंबिकापुर,13 नवम्बर 2025 (घटती-घटना)। शहर में हाल ही में बन रही सड़कों की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, विभिन्न स्थानों पर सड़क निर्माण कार्यों के बाद लोगों ने फेसबुक पर अनेक टिप्पणियाँ करते हुए निर्माण की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री एवं विभागीय लापरवाही को लेकर गंभीर आरोप लगाए,नागरिकों का आरोप है कि सड़क बनने के कुछ ही दिनों में ही उसकी स्थिति खराब दिखने लगी है,जिससे निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े हो गए हैं,सबसे पहले एक यूजर ने सवाल उठाया कि टायरिंग के दौरान किस इंजीनियर की ड्यूटी थी और कार्य की निगरानी किसने की। कई लोगों ने सड़क निर्माण स्थल की पहचान स्पेस टेक्नोलॉजी रोड क्षेत्र के रूप में की और दावा किया कि निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया गया।
बता दे की अंबिकापुर में सड़क निर्माण को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है और एक ओर शहर की खस्ताहाल सड़कें अब बनाई जा रही हैं वहीं यदि सोशल मीडिया की पोस्ट देखी जाए तो बन रही सड़कें बनते ही उखड़ जा रही हैं और वह पुनः अपने खस्ताहाल स्थिति में पहुंच जा रही हैं,सोशल मीडिया पर लोग इस पोस्ट के साथ अपनी प्रतिक्रिया भी जाहिर कर रहे हैं और लोगों का एक तरह का ही बयान देखने को मिल रहा है जिसमें वह इसे भ्रष्टाचार की हद बता रहे हैं,इन सब के बीच सड़क लगातार बन भी रही है और उखड़ भी जा रही है,अंबिकापुर में सड़को की खस्ताहालत को लेकर पिछले कुछ महीनों से नगर निगम सहित क्षेत्रीय विधायक सांसद को भी काफी कुछ आलोचना सहना पड़ा था और इन आलोचनाओं के बाद और खरी-खोटी सुनने के बाद ही उन्होंने सड़क निर्माण कार्य का निर्णय लेते हुए नगर निगम से सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान कर कार्य का शुभारंभ कराया था लेकिन जिन सड़कों को बनाया जा रहा है उसकी हालत देखकर लगता है कि सड़कें केवल कमीशन प्राप्ति और अपनी जेब भरने के लिए बनाई जा रही हैं जिसमें गुणवत्ता जैसा कोई मामला शामिल नहीं है और इस तरह के लग रहे आरोप सही है। वैसे सोशल मीडिया पोस्ट पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, कुछ ने इसके लिए नेताओं को जिम्मेदार बताया है वहीं कुछ ने नेताओं और अधिकारियों को दोषी बताया है वहीं ने इन सभी के साथ विपक्ष को भी जिम्मेदार बताया है और इसके लिए उनके मौन को कारण बताया है, अंबिकापुर शहर जो सरगुजा जिले का संभागीय मुख्यालय है कि सड़कें बेहद खराब हैं,सड़कों की हालत बरसात के समय तो ऐसी थीं जैसे गहरे खेतों से होकर आना जाना कर रहे हैं लोग,लोगों ने साथ ही आलोचकों ने जब लगातार इस विषय पर मुखरता दिखाई तब जाकर सड़क निर्माण कार्य आरंभ हुआ लेकिन जैसी सड़कें बन रही हैं वैसी लोगों को अपेक्षा नहीं थी जो उनके सोशल मीडिया विचारों से समझा जा सकता है।
कमीशन का खेल है,अपनी जेब भरने,नेता,अधिकारी,पक्ष,विपक्ष मौन हैं,आरोप :
सड़क बनते ही उखड़ जाने के मामले में लोगों का आरोप है कि ऐसा केवल अपनी जेब भरने के लिए किया जा रहा है और इसलिए सभी मौन हैं,नेता,अधिकारी,पक्ष ,विपक्ष सभी निर्माण कार्यों में हिस्सेदार हैं बेहतर लाभ के इसलिए वह सड़क घटिया बने या अच्छी बने इसको लेकर मौन हैं,लोगों का कहना है कि जब 40 प्रतिशत तक का कमीशन निश्चित है कितनी मजबूत सड़क बन सकेगी समझा जा सकता है,लोगों का आक्रोश सोशल मीडिया में खुलकर सामने नजर आ रहा है बावजूद इसके नेताओं,अधिकारियों का कोई बयान या घटिया निर्माण को लेकर कोई कार्यवाही सामने नहीं आ रही है जिससे लोगों के आरोप सही लगने लगे हैं। वैसे जनता सोशल मीडिया में जिस तरह आक्रोशित है, नाराज है इसका असर नेताओं की छवि और उनकी लोकप्रियता पर जरूर पड़ेगा यह तय है।
नेताओं पर भी तंज :
निर्माण को लेकर लोगों ने नेताओं और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को भी निशाने पर लिया। एक यूजर ने टिप्पणी की— ‘जैसा नेता होगा, वैसी ही सड़कें बनेंगी! गुणवत्ताविहीन नेता व सड़कें’ दूसरों ने भी जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछते हुए कहा कि सड़क निर्माण में जनता की आवाज को अनदेखा किया जा रहा है।
राष्ट्रपति के आगमन से जोड़कर उठाए सवाल
कुछ टिप्पणियों में आगामी 20 नवंबर को राष्ट्रपति के संभावित आगमन को लेकर भी नाराजगी जाहिर की गई। लोगों का कहना है कि केवल दिखावे के लिए जल्दबाजी में सड़कें बनाई जा रही हैं। एक यूजर ने लिखा—‘लीपा-पोती चल रहा है,राष्ट्रपति आ रही है उसके लिए।’ दूसरे ने आरोप लगाया कि सिर्फ राष्ट्रपति के रूट वाली सड़कें सुधारी जा रही हैं,जबकि बाकी शहर की सड़कें जस की तस खराब पड़ी हैं। कमीशनखोरी का मुद्दा फिर उठा- कई लोगों ने विभागीय भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर भी खुलकर आरोप लगाए।
एक यूज़र ने लिखा…
‘सब मिलाकर 40′ पैसा कमीशन में चला जाता है ठेकेदार बेईमान नहीं,पूरा विभाग का कमीशन बंधा होता है।’ कुछ नागरिकों ने सुझाव दिया कि निर्माण कार्यों की जांच आरटीआई के माध्यम से कराई जानी चाहिए और इंजीनियरों से जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
जनता का फूटा गुस्सा… एक यूज़र ने लिखा
लंबे समय से शहर सड़क विहीन रहा, अब देर से जागे हैं,वह भी सिर्फ बजरी बिछाकर ना डामर दिख रहा, ना बुलडोजर। ऐसे में जनता गाली न दे तो क्या करे?’ कई लोगों ने यह भी शिकायत की कि सड़क निर्माण के बाद धूल उड़ रही है और सड़कें केवल 2-3 वर्ष के लिए ही बनाई जा रही हैं।
जांच की मांग तेज…
लगातार बढ़ रहे जन आक्रोश को देखते हुए लोग नगर निगम और संबंधित विभाग से निर्माण की गुणवत्ता की जांच, जिम्मेदार इंजीनियरों की पहचान और कार्य में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
सामग्री पर उठे सवाल
कई यूज़र्स ने टिप्पणी की कि सड़क में डामर की बजाय घटिया सामग्री का उपयोग हुआ है। एक व्यक्ति ने लिखा ‘डमर नहीं है,मोबिल है मिट्टी में मिला।’ लोगों का कहना है कि सड़क पर बिछाई गई परत बेहद कमजोर है और जल्द ही उखड़ने की स्थिति में आ सकती है।


Share

Check Also

बलरामपुर @एनएच-343 पर परिवहन व यातायात विभाग की संयुक्त कार्रवाई

Share बिना परमिट चल रही स्कूल बस जब्त,10 हजार रुपये का चालानबलरामपुर ,22 अप्रैल 2026 …

Leave a Reply