Breaking News

नई दिल्ली@दिल्ली ब्लास्ट : आतंकी बाबरी का बदला लेना चाहते थे

Share

नई दिल्ली, 13 नवम्बर 2025। लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए धमाके की जांच में गुरुवार को बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आतंकी 6 दिसंबर, यानी बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की बरसी के दिन दिल्ली समेत कई जगह धमाके करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 32 कारों का इंतजाम किया था। इनमें बम और विस्फोटक सामग्री भरकर धमाके किए जाने थे। इनमें ब्रेजा, स्विफ्ट डिजाइर, इकोस्पोर्ट और आई20 जैसी गाडि़यां शामिल थीं। जांच एजेंसियों को अब तक चार कारें बरामद हो चुकी हैं। 10 नवंबर जिस आई20 कार में धमाका हुआ था, वह इसी सीरियल रिवेंज अटैक का हिस्सा थी। ब्लास्ट से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
दिल्ली ब्लास्ट में खुलासे…
जनवरी में लाल किले की रेकी की थी

दिल्ली को दहलाने की साजिश जनवरी से रची जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डंप डेटा से पता चला कि फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल गनी और धमाके में कथित रूप से मारे गए डॉ. उमर नबी ने जनवरी में कई बार लाल किले की रेकी की थी। दोनों ने वहां की सुरक्षा-और भीड़ का पैटर्न समझा था। पुलिस को शक है कि आतंकियों की प्लानिंग 26 जनवरी पर लाल किले पर हमले की थी, जो तब नाकाम हो गई।
दिल्ली में 6 दिसंबर को हमले का प्लान था
नबी दिल्ली में 6 दिसंबर को हमला करना चाहता था, लेकिन मुजम्मिल की गिरफ्तारी से प्लान बिगड़ गया। यह बात 8 आरोपियों से पूछताछ में सामने आई हैं। इस अंतरराज्यीय मॉड्यूल का केंद्र फरीदाबाद में था। गिरफ्तार आतंकियों में 6 डॉक्टर हैं। श्रीनगर का रहने वाला एक अन्य संदिग्ध डॉ. निसार फरार है। वह डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर का अध्यक्ष भी है। अलफलाह में पढ़ा रहा था। जम्मू-कश्मीर सरकार ने डॉ. निसार को बर्खास्त कर दिया है।
दिल्ली एनसीआर में 200 बम फटने वाले थे
दिल्ली ब्लास्ट पाकिस्तान की साजिश का हिस्सा था। जिन डॉक्टरों के दिमाग में जिहादी सोच को कूट कूट. कर भरा गया, उनके मंसूबे और खतरनाक थे। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि दिल्ली एनसीआर में 200 बम फटने वाले थे। 26/11 हमले की तरह साजिश अंजाम तक पहुंचने वाली थी। दिल्ली एनसीआर के
खाद की बोरी बता विस्फोटक जुटा रहा था गनी
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में काम कर रहा कश्मीरी डॉ. मुजम्मिल गनी खाद की बोरियां बताकर किराए के कमरे में विस्फोटक सामग्री जमा कर रहा था। 20 दिन पहले मुजम्मिल कमरे में कुछ बोरियां रखने आया था, तब पड़ोसियों ने उससे पूछा था कि इसमें क्या है? जवाब में मुजम्मिल ने कहा था कि ये खाद के कट्टे हैं। इन्हें कश्मीर ले जाना है। इस कमरे से 100 मीटर दूर एक मकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस ने फुटेज जब्त कर लिए हैं।
अल फलाह विश्वविद्यालय की भूमिका संदिग्ध
अल फलाह विश्वविद्यालय फरीदाबाद जिले के धौज इलाके में स्थित है और इसके परिसर में एक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल भी संचालित होता है। अधिकारियों ने बताया कि जिस कार में धमाका हुआ, उसे चला रहा उमर नबी इसी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर था। धमाके के बाद तीन डॉक्टरों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनका संबंध इसी संस्थान से बताया जा रहा है।


Share

Check Also

उज्जैन@ उज्जैन में मॉडल हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास

Share अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी,पिंडदान के साथ त्यागा पिछला जीवनउज्जैन,19 …

Leave a Reply