Breaking News

पुणे@1800 करोड़ की जमीन 300 करोड़ में खरीदी

Share


डिप्टी सीएम अजित पवार का बेटा जांच के घेरे में विपक्ष बोला सौदा सरकारी मंजूरी के बिना हुआ


पुणे,10 नवम्बर 2025। पुणे में मुंडवा की 40 एकड़ सरकारी जमीन की विवादित बिक्री को लेकर अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार की फर्म अमाडिया एंटरप्राइजेज जांच के घेरे में है। सस्पेंड तहसीलदार ने भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण को जमीन खाली करने का नोटिस दिया। जिला कलेक्टर ने इस नोटिस को अवैध बताया और पूरी प्रक्रिया रोक दी। जांच में कई गंभीर गड़बडि़यां सामने आई हैं, जिसने इस जमीन सौदे को और भी विवादों में घेर दिया है।
क्या है मामला : महारष्ट्र के पुणे स्थित मुंडवा इलाके की 40 एकड़ जमीन महार वतन की जमीन है, यानी यह पहले अनुसूचित जाति के महार समुदाय की जमीन हैं। साल 1973 में सरकार ने यह जमीन भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण को 15 साल के लिए लीज पर दे दी। फिर 1988 में लीज बढ़ाकर 50 साल कर दी गई। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण हर साल सिर्फ 1 रुपए किराया देकर यहां अपना रिसर्च और दफ्तर का काम करता रहा। सरकारी कागजों में इस जमीन का मालिकाना हक आज भी सरकार के नाम ही दर्ज है। लेकिन इस साल 20 मई को 272 मूल जमीन मालिकों की ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी रखने वाली शीतल तेजवानी ने यह जमीन अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी को लगभग 300 करोड़ रुपए में बेच दी। अमाडिया में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार बहुसंख्यक साझेदार हैं। विपक्ष का आरोप है कि जमीन का बाजार मूल्य करीब 1800 करोड़ रुपए है और सौदा जरूरी सरकारी मंजूरी के बिना किया गया। सिर्फ छह दिन बाद अमाडिया ने तत्कालीन तहसीलदार सूर्यकांत येओले से जमीन खाली कराने का अनुरोध किया।


Share

Check Also

उज्जैन@ उज्जैन में मॉडल हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास

Share अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी,पिंडदान के साथ त्यागा पिछला जीवनउज्जैन,19 …

Leave a Reply