3100 रेट,21 क्विंटल प्रति एकड़ सीमा,6-7 दिन में होगा भुगतान
रायपुर,10 अक्टूबर 2025। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को महानदी भवन में कैबिनेट बैठक हुई। मीटिंग में धान खरीदी को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस बार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी की जाएगी। राज्य के 25 लाख से ज्यादा किसानों से 3100 प्रति मि्ंटल की दर से खरीदी होगी। किसानों से प्रति एकड़ 21 मि्ंटल तक धान की खरीदी की जाएगी। खरीदी में पारदर्शिता और समय पर भुगतान तय करने के लिए किसानों को उनकी राशि 6 से 7 दिनों के अंदर दी जाएगी। इससे पहले, 2024-25 में 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। राज्य में कुल 25.49 लाख से ज्यादा किसानों ने धान बेचा था। जिसके लिए 31 हजार 89 करोड़ का भुगतान हुआ। इस बार प्रदेश में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के 20,000 ग्रामों में दिनांक 02 अक्टूबर से डिजीटल क्राप सर्वे एवं मैन्यूअल गिरदावरी के डेटा को ग्रामसभा में पठन-पाठन कराया जा रहा है। किसानों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु टोकन तुहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था की गई है इसके तहत किसान स्वयं अपने सुविधा अनुसार दिनों में धान विक्रय किये जाने हेतु टोकन काट सकेगें। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक आधारित धान की खरीदी की जावेगी। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त-विकास निगम की 24.50 करोड़ रुपए की बकाया ऋण राशि एकमुश्त चुकाने का निर्णय लिया गया। यह राशि एनडीएफडीसी की ओर से राज्य के दिव्यांगों को 3′ ब्याज दर पर शिक्षा और स्वरोजगार के लिए दिए गए ऋण से संबंधित है। स्कूल शिक्षा विभाग में 100 स्पेशल एजुकेटर की सीधी भर्ती के लिए नियमों में एक बार के लिए छूट दी गई। भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए,चयन परीक्षा के बजाय मेरिट के आधार पर भर्ती की अनुमति दी गई। यह फैसला दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
30 सितंबर को साय कैबिनेट के लिए गए फैसले
इससे पहले 30 सितंबर मंगलवार को साय कैबिनेट की मीटिंग हुई थी। बैठक में 3 प्रमुख फैसले लिए गए थे। दिव्यांगजन के कल्याण के लिए 24.50 करोड़ रुपए की बकाया राशि एकमुश्त चुकाने का निर्णय लिया गया। 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती करने का फैसला भी लिया गया था। साथ ही शासकीय सेवकों को आकस्मिक वित्तीय जरूरत पर वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। वहीं इस बैठक में अमिताभ जैन को विदाई और नवनियुक्ति मुख्य सचिव का स्वागत किया गया। साथ ही उन्होंने पदभार ग्रहण किया था।
शासकीय सेवकों को अल्पावधि ऋण सुविधा
सरकारी कर्मचारियों की अचानक आने वाली वित्तीय जरूरतों को देखते हुए उन्हें वेतन के विरुद्ध अल्पकालिक ऋण देने का फैसला लिया गया। यह ऋण बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से दिया जाएगा। वित्त विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया। पात्र बैंक/संस्थाओं से एमओयू करने का प्रारूप भी मंजूर किया गया।
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