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रायपुर@108 दिनों में लाखों जिंदगियों की उम्मीद बनी ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’

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नई एम्बुलेंस सेवा ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को दी नई रफ्तार,हजारों मरीजों को समय पर मिला जीवनरक्षक उपचार
-संवाददाता-
रायपुर,18 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, त्वरित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई नई ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ ने अपने संचालन के मात्र 108 दिनों में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुई यह सेवा आज प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक लाखों लोगों के लिए जीवनरक्षक व्यवस्था बन चुकी है, आधुनिक एम्बुलेंस, प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन,जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग और 24म7 केंद्रीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के कारण यह सेवा प्रदेशवासियों के बीच भरोसे का प्रतीक बन गई है।
108 दिनों में सेवा ने बनाए कई रिकॉर्ड
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 108 दिनों में करीब 2.96 लाख आपातकालीन कॉल प्राप्त हुईं, इनमें से 86,500 से अधिक मरीजों तक समय पर एम्बुलेंस पहुंची, विभाग का दावा है कि सेवा ने अधिकांश मामलों में निर्धारित समय के भीतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हुए हजारों मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया।
375 अत्याधुनिक
एम्बुलेंसों का मजबूत नेटवर्क

प्रदेशभर में वर्तमान में लगभग 375 आधुनिक एम्बुलेंसों का संचालन किया जा रहा है, इनमें 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट , 70 एडवांस लाइफ सपोर्ट और 5 विशेष ALS Neonatal एम्बुलेंस शामिल हैं,यह नेटवर्क दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों,ग्रामीण इलाकों,राष्ट्रीय राजमार्गों और शहरों तक समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहा है। विभाग के अनुसार लगभग 3.11 करोड़ आबादी इस सेवा के दायरे में है।
प्रतिक्रिया समय में आया बड़ा सुधार-स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद एम्बुलेंस के प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में औसतन 12 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 18 मिनट के भीतर एम्बुलेंस मरीज तक पहुंच रही है, चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर परिस्थितियों में यह समय मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
सड़क दुर्घटनाओं से लेकर प्रसव तक बनी जीवनरक्षक सेवा
नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस केवल दुर्घटना पीडि़तों तक सीमित नहीं रही, पिछले 108 दिनों में 6,500 से अधिक सड़क दुर्घटना पीडि़तों को त्वरित चिकित्सा सहायता दी गई,वहीं 5,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इसके अलावा 174 नवजात एवं शिशुओं को विशेष चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई तथा 5,300 से अधिक हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मरीजों को गोल्डन ऑवर के भीतर उपचार केंद्र तक पहुंचाया गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही शुरू हो जाता है इलाज
नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एम्बुलेंस केवल मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने का माध्यम नहीं है,बल्कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया जाता है,आधुनिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एम्बुलेंसों में मौजूद प्रशिक्षित श्वरूभ् मरीज की स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सहायता देते हैं,जिससे गंभीर मरीजों के बचने की संभावना बढ़ जाती है।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से हो रही हर एम्बुलेंस की निगरानी
सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राज्य स्तर पर स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से प्रत्येक एम्बुलेंस की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। कॉल रिस्पांस, वाहन उपलब्धता,डिस्पैच समय,प्रतिक्रिया समय और सेवा गुणवत्ता जैसे सभी प्रमुख संकेतकों की नियमित समीक्षा की जाती है,जिससे नागरिकों को तेज,सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने टीम को दी बधाई…
नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस के सफलतापूर्वक 108 दिन पूरे होने पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सेवा से जुड़े इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन,पायलट,इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर,जिला समन्वयकों और अन्य कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विभाग की दूरदर्शी योजना,प्रभावी प्रबंधन और कर्मचारियों की निष्ठा का परिणाम है। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी यह सेवा प्रदेशवासियों को समयबद्ध,निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती रहेगी।


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