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कोरिया@ फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई का समर्थन

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पंजीकृत बीएएमएस चिकित्सकों की साख बचाने की मांग
भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ ने सरगुजा कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,
कहा…जालसाजों पर सख्ती हो, लेकिन योग्य चिकित्सकों की छवि न हो धूमिल
-संवाददाता-
कोरिया,18 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
जिले में फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान का भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ, जिला कोरिया ने समर्थन किया है,साथ ही प्रकोष्ठ ने मांग की है कि कार्रवाई के दौरान विधिवत पंजीकृत आयुष (बीएएमएस) चिकित्सकों की छवि और सम्मान प्रभावित नहीं होना चाहिए, इसी मांग को लेकर भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधिमंडल ने सरगुजा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में जिला संयोजक डॉ. भुवन भास्कर साहू,डॉ. अमित कुमार पाण्डेय,डॉ. दीपक सोनी,डॉ. शुभम गुप्ता सहित अन्य चिकित्सक शामिल रहे,ज्ञापन में चिकित्सकों ने कहा कि फर्जी डिग्री के आधार पर चिकित्सा करने वाले और बिना अनुमति क्लीनिक संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जनहित में आवश्यक है और यह अभियान लगातार जारी रहना चाहिए। हालांकि उन्होंने हाल के दिनों में कुछ समाचारों में ‘बीएएमएस डॉक्टर अवैध क्लीनिक चला रहे थे’ जैसे सामान्य शब्दों के प्रयोग पर आपत्ति जताई, उनका कहना है कि संबंधित आरोपी कोई पंजीकृत बीएएमएस चिकित्सक नहीं था, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर काम कर रहा था। ऐसे मामलों में पूरे बीएएमएस समुदाय को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है, चिकित्सकों ने प्रशासन को छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की 11 फरवरी 2019 की अधिसूचना का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम, 1970 के तहत विधिवत पंजीकृत बीएएमएस चिकित्सकों को अधिसूचना में वर्णित एलोपैथिक दवाओं के उपयोग तथा प्राथमिक एवं आपातकालीन उपचार की वैधानिक अनुमति प्राप्त है,इसलिए निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान इस कानूनी प्रावधान का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की कि फर्जी डॉक्टरों और फर्जी डिग्री धारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए, लेकिन पंजीकृत बीएएमएस चिकित्सकों की सामाजिक प्रतिष्ठा और वैधानिक अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रशासन और मीडिया से तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर ही सूचनाएं जारी करने का आग्रह किया गया, ताकि योग्य चिकित्सकों की छवि प्रभावित न हो और आम जनता का विश्वास बना रहे, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ का कहना है कि उनका उद्देश्य फर्जी चिकित्सकों पर रोक लगाने के साथ-साथ वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे पंजीकृत आयुष चिकित्सकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना भी है, ज्ञापन को स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदार कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


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