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नई दिल्ली@दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हंगामा….

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  • सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया,सीजेपी से जंतर-मंतर खाली करने का आग्रह…
  • अभिजीत दीपके पर फेंकी गई स्याही,भूख हड़ताल का किया ऐलान


नई दिल्ली,18 जुलाई 2026। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिन से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इसके अलावा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सोशल मीडिया अभियान और प्रदर्शन पर भी कार्रवाई की है। सफदरजंग अस्पताल का कहना है कि आज सुबह सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभी उनकी चिकित्सीय जांच चल रही है। जल्द ही इस बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश और सोनम वांगचुक की लगातार गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए आज उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रदर्शन स्थल से उन्हें ले जाते समय सीजेपी के कार्यकर्ताओं ने गतिरोध उत्पन्न किया। पुलिस ने अनुरोध किया है कि सभी सीजेपी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से जंतर-मंतर को खाली कर दें। सीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि दिल्ली पुलिसकर्मी सादे लिबास में प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे थे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की।बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान आंदोलन के मुखिया बने अभिजीत दीपिके वहां पर उपस्थित नहीं थे। पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर कहना है कि इस दौरान वह स्नान करने गए थे। एक वीडियो संदेश में दीपिके ने कहा कि उन्हें अपने मित्र के यहां पुलिस ने जबरन हिरासत में रखा था। उनके साथ मारपीट की गई है। उन्होंने आंदोलन को जारी रखने की अपील की है।
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान शनिवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक महिला ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंक दी। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और घटना के कारणों की जांच में जुटी है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने को खरगे
और वेणुगोपाल ने बताया लोकतंत्र और संविधान पर धब्बा

पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर कांग्रेस ने तानाशाही करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर धब्बा बताया। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चाहे मां गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रो. जीडी अग्रवाल हों, हरियाणा की महिला पहलवान हों, किसान हों, दलित-आदिवासी हों या पेपर लीक से प्रभावित छात्र सरकार ने किसी को नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि इस सरकार की नजर में कोई भी आवाज उठाने वाला ‘देश द्रोही’ या ‘परजीवी’ है। जंतर-मंतर पर जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा है। खरगे ने दावा किया कि ‘छात्रों की गूंज’ का कोटा और देहरादून में आगाज हुआ है और यह दिल्ली तक पहुंचेगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना चाहिए था, लेकिन उसने सोनम वांगचुक को उनके धरने से हटा दिया। सरकार को करुणा और मानवता दिखानी चाहिए थी, लेकिन उसने फासीवादी तरीके से शांतिपूर्ण विरोध को तोड़ दिया।
सोनम वांगचुक की पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक को लिखा पत्र,दूसरे अस्पताल ले जाने की मांग…
पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर वांगचुक को अपनी पसंद के एक अन्य चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया। पत्र में उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली और चिकित्सा संबंधी जानकारी को लेकर कई सवाल भी उठाए। गीतांजलि ने पत्र में आरोप लगाया कि अस्पताल की चिकित्सा टीम ने शनिवार सुबह उन्हें बताया कि सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर घटकर 2.9 हो गया है, जबकि एक दिन पहले शाम 4ः16 बजे यह 4.3 दर्ज किया गया था। उन्होंने इस अंतर पर सवाल उठाते हुए संबंधित चिकित्सकीय रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की। पत्र में यह भी कहा गया है कि वांगचुक की डिजिटल और प्रत्यक्ष निगरानी कर रहे चिकित्सकों से परिवार को मिलने की अनुमति नहीं दी गई। गीतांजलि ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पारदर्शिता की कमी के कारण उनका भरोसा प्रभावित हुआ है। इसी वजह से परिवार ने वांगचुक को अपनी पसंद के मेडिकल सेंटर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक से अनुरोध किया कि अस्पताल से छुट्टी देने से संबंधित सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएं, ताकि वांगचुक को बेहतर चिकित्सा सुविधा और आवश्यक जांच के लिए दूसरे अस्पताल ले जाया जा सके। बाद में मीडिया से बातचीत में गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि सोनम वांगचुक की तबीयत फिलहाल ठीक है और वे यात्रा करने की स्थिति में होंगे।
सोनम वांगचुक में पानी की कमी और सीरम
पोटैशियम का स्तर कम हुआ : मेडिकल बुलेटिन

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अध्यक्ष ने शनिवार को पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य रिपोर्ट के बारे में बताते हुए कहा कि 20 दिन से उपवास रहने के कारण उनमें पानी की कमी के लक्षण दिखे और उनका सीरम पोटैशियम का स्तर कम पाया गया। चिकित्सा अध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली पुलिस आज सुबह उन्हें करीब 7ः40 बजे वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया क्योंकि उन्होंने 20 दिन से कुछ खाया नहीं था इसलिए उनमें कमजोरी के लक्षण दिखाई दिए। भर्ती होने के समय, वे होश में थे और उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर और ‘ऑक्सीजन सैचुरेशन’ स्थिर थे। उनमें पानी की कमी के लक्षण दिखे। उन्होंने बताया कि ब्लड गैस एनालिसिस से पता चला कि उन्हें ‘कम्पन्सेटेड एसिडोसिस’ है, ‘सीरम पोटैशियम’ का स्तर कम है और ब्लड शुगर 78 ‘एमजी/डीएल’ है। दोबारा जांच में भी सीरम पोटैशियम का स्तर वैसा ही पाया गया। भर्ती होने के समय ‘यूरिनरी कीटोन 1+’ थे, जो दोपहर 1ः00 बजे तक बढ़कर 3+ हो गए। स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया है कि सोनम को ‘इंट्रावेनस (चतुर्थ) फ्लूइड’ देने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह के इंट्रावेनस फ्लूइड, ओरल ‘रिहाइड्रेशन फ्लूइड’ या कोई अन्य दवा लेने से इनकार कर दिया है। उनकी सेहत के लिए सबसे बेहतर इलाज के मकसद से लगातार उनकी निगरानी और काउंसलिंग की जा रही है।


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