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राजपूर@महुआ की गंध से गांव पहुंचा हाथी,150 मीटर दौड़ाकर ग्रामीण को पटक-पटककर मार डाला

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राजपुर वन परिक्षेत्र के रेवतपुर नवापारा में दर्दनाक घटना,तीन माह से क्षेत्र में सक्रिय चार हाथियों के दल से दहशत,वन विभाग ने जारी की सतर्कता

-संवाददाता-
राजपूर,18 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र के रेवतपुर नवापारा गांव में शुक्रवार रात जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। महुआ की गंध से आकर्षित होकर हाथी गांव में घुस आया और मकान के पीछे रखे महुआ तक पहुंच गया। जान बचाने के लिए घर से बाहर भागे ग्रामीण को हाथी ने करीब 150 मीटर तक दौड़ाया और सूंड़ से उठाकर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर हाथी प्रभावित इलाकों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर तस्वीर सामने ला दी है। वन विभाग के अनुसार राजपुर वन परिक्षेत्र के उप परिक्षेत्र बरियों के रेवतपुर वन कक्ष क्रमांक पी-2556 में पिछले तीन-चार माह से चार जंगली हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। विभाग इनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए था,लेकिन शुक्रवार रात करीब नौ बजे दल से अलग होकर एक हाथी रेवतपुर नवापारा गांव में पहुंच गया।
महुआ की गंध बनी हादसे की वजह : हाथी गांव निवासी बालमसाय टेकाम के घर के पीछे पहुंचा,जहां महुआ रखा हुआ था। महुआ की तेज गंध से आकर्षित होकर हाथी ने मकान के पिछले हिस्से को तोड़ना शुरू कर दिया। उस समय घर के भीतर बालमसाय टेकाम, उनकी पत्नी नागमती बाई, बेटा और छोटी बच्ची मौजूद थे। हाथी की आहट मिलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग और हाथी मित्र दल को सूचना दी,जिसके बाद वन अमला मौके पर पहुंचकर परिवार को सुरक्षित निकालने में जुट गया।
अंधेरा और बारिश ने बढ़ाया खतरा : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब साढ़े नौ बजे बालमसाय टेकाम जान बचाने के लिए घर से निकलकर सड़क की ओर भागे। उस समय हल्की बारिश और घना अंधेरा होने के कारण वे सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच सके। हाथी ने उनका पीछा किया और करीब 150 मीटर तक दौड़ाने के बाद सूंड़ से उठाकर कई बार पटक दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाथी वापस जंगल की ओर लौट गया। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया। वन विभाग ने वन्य प्राणी जनहानि का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों को तत्काल सहायता,शेष मुआवजा प्रक्रिया में…
वन विभाग ने मृतक की पत्नी नागमती बाई को तत्काल राहत के रूप में 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की मुआवजा राशि भी प्रदान की जाएगी।
महुआ,आम और कटहल खींच रहे हाथियों को गांवों तक…
वन अधिकारियों के अनुसार बरसात के मौसम में गांवों के आसपास महुआ, आम, कटहल और अन्य खाद्य पदार्थों की उपलब्धता के कारण हाथी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। राजपुर वन परिक्षेत्र के कई गांवों में पिछले कुछ महीनों से हाथियों की नियमित आवाजाही दर्ज की गई है। इसे देखते हुए वन विभाग हाथी मित्र दल के सहयोग से लगातार निगरानी, मुनादी और जनजागरूकता अभियान चला रहा है।


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