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लेह@लेह में हिंसक प्रदर्शनः4 की मौत,72 घायल

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राज्य का दर्जा मांग रहे प्रदर्शनकारियों ने लेह में भाजपा ऑफिस जलाया,शहर में मार्च-रैली बैन
लेह,24 सितम्बर 2025 (ए)। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। भाजपा ऑफिस और सीआरपीएफ की गाड़ी में आग लगा दी। उधर, प्रशासन ने लेह में बिना अनुमति रैली, प्रदर्शन पर बैन लगा दिया है। ये छात्र सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। मांगें पूरी न करने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने आज बंद बुलाया था। इसी दौरान हिंसा हुई।
हिंसा के बाद वांगचुक ने अनशन तोड़ते हुए कहा : यह लद्दाख के लिए दुख का दिन है। हम पांच साल से शांति के रास्ते पर चल रहे थे। अनशन किया, लेह से दिल्ली तक पैदल चलकर गए। आज हम शांति के पैगाम को असफल होते हुए देख रहे हैं। हिंसा, गोलीबारी और आगजनी हो रही है। मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अपील करता हूं कि इस बेवकूफी को बंद करें। हम अपना अनशन तोड़ रहे हैं, प्रदर्शन रोक रहे हैं। लेह एपेक्स बॉडी के अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने बताया कि शहर में भारी गोलीबारी हुई। इसमें कई लोग घायल हुए और अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने बताया, लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) की युवा इकाई लद्दाख बंद का आयोजन किया था। अनशन पर बैठे 2 लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा है।
इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। कुछ युवाओं ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
वांगचुक बोले…हिंसा का कारण युवाओं में बढ़ती नाराजगी
सोनम वांगचुक ने लेह में हुई हिंसा पर दुःख जताया। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ती नाराजगी इस हिंसा का कारण बनी।उन्होंने बताया कि मंगलवार को एक 72 साल के आदमी और 62 साल की महिला को घायल होने पर अस्पताल ले जाना पड़ा था। यह घटना हिंसा का मुख्य कारण बनी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का कोई असर न होने से युवाओं में गुस्सा बढ़ा। कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि 3 से 5 युवाओं की मौत हुई।
पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प
लेह हिल काउंसिल के सामने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा रखे थे। जब आंदोलन कारी आगे बढ़े तो पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, लेकिन भीड़ ने पुलिस की गाड़ी जलाई और तोड़फोड़ की। प्रदर्शन के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किया कि लेह में पहले से लिखित अनुमति के बिना कोई जुलूस, रैली या मार्च नहीं निकाला जाएगा। जिले में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।


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