प्रधानमंत्री मोदी ने 20 मिनट देश को किया संबोधित
नई दिल्ली,21 सितम्बर 2025 (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के नाम संबोधन दिया। उन्होंने कहा…आज सूर्योदय के साथ ही जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो जाएगा। इसका फायदा सभी वर्गों को होगा। साथ ही पीएम ने जनता से अपील की कि वही सामान खरीदें जिसे बनाने में देशवासियों का पसीना लगा हो। पीएम ने 20 मिनट के संबोधन में जीएसटी रिफॉर्म,आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी पर जोर दिया। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि स्वदेशी के अभियान के साथ मैन्यूफैक्चरिंग को गति दें। निवेश के लिए माहौल बनाएं। केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे तभी सपना पूरा होगा। मेरा सभी राज्य सरकारों से आग्रह है कि स्वदेशी के अभियान के साथ मैन्यूफैक्चरिंग को गति दें। निवेश के लिए माहौल बनाएं। केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे तभी सपना पूरा होगा। मुझे इस बात की खुशी है कि दुकानदार भाई-बहन जीएसटी बदलाव से उत्साह में है। वो इसे कस्टमर तक पहुंचाने में जुटे हैं। हम नागरिक देवो भव: के जिस मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। नए जीएसटी में इसकी झलक दिखती है। अगर हम इनकम टैक्स और जीएसटी छूट को जोड़ दें तो देश के लोगों को 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की बचत होगी।
देश की समृद्धि को स्वदेशी से शक्ति मिलेगीःमोदी
हम जो मैन्यूफैक्चर करें वो दुनिया में अच्छा हो,प्रोडक्ट की मलिटी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाए। देश की आजादी को जैसे स्वदेशी के मंत्र से ताकत मिली वैसे देश की समृद्धि को स्वदेशी से शक्ति मिलेगी। रोजमर्रा की चीजें विदेशी हैं, हमें इनसे मुक्ति पानी है। हम मेड इन इंडिया सामान खरीदें। हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है। हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है। गर्व से कहो ये स्वदेशी है। गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं और बेचता हूं। ये हर भारतीय का मिजाज बनना चाहिए।
जीएसटी कम होने से एमएसएमई को बहुत फायदा होगाःमोदी
जीएसटी की दरें कम होने से नियम और प्रक्रिया आसान बनने से एमएसएमई को बहुत फायदा होगा। उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स भी कम देना होगा। उनको भी डबल फायदा होगा। एमएसएमई से मुझे बहुत अपेक्षाएं हैं, जब भारत तरक्की के शिखर पर था उनका आधार एमएसएमई ही थे। भारत में बने सामानों की मलिटी बेहतर होती थी। हमें उस गौरव को वापस पाना है। हमारे यहां बना सामाना दुनिया में बेस्ट हो।
मोदी बोले-विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर बनना होगा
विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आत्मनिर्भर बनना होगा। भारत को आत्मनिर्भर बनाने का बहुत बड़ा दायित्व एमएसएमई पर भी है। जो देश के लोगों की जरूरत का है, जो देश में बना सकते हैं वो हमें देश में ही बनाना चाहिए।
2014 से पहले लाखों कंपनियां अलग-अलग तरह के टैक्स के जाल में फंसी थींःमोदी
2014 में जब देश ने मुझे पीएम बनाया। तब एक विदेशी अखबार में छपा था कि एक कंपनी की मुश्किलों का जिक्र था। उसने कहा था कि अगर उसे बेंगलुरु से 570 किमी दूर हैदराबाद सामान भेजना हो तो वो इतना कठिन था कि वो बेंगलुरु से यूरोप और वहां से हैदराबाद भेजना ज्यादा आसान लगता था। ये टैक्स के जंजाल के हालात थे। तब ऐसी लाखों कंपनियों को अलग-अलग तरह के टैक्स के जाल से परेशानी होती थी। सामान को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने के बीच जो खर्च बढ़ता था,वो गरीब उठाता था।
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