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इस्लामाबाद@जैश ने माना-ऑपरेशन सिंदूर में मसूद का परिवार मारा गया

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इस्लामाबाद,16 सितम्बर 2025 (ए)। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पहली बार माना है कि उसके सरगना मौलाना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमले में मारे गए। जैश के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह कहता है कि 7 मई को बहावलपुर में भारत की कार्रवाई में अजहर के परिवार के लोगों के टुकड़े-टुकड़े हो गए, उनका कीमा बन गया था। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में हमला किया था। ऑपरेशन के दौरान बहावलपुर समेत पाकिस्तान के अंदर नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। बहावलपुर में हुए भारतीय हमले में मसूद के परिवार के 10 लोग मारे गए थे। इसके अलावा 4 सहयोगियों की भी मौत हुई थी। मरने वालों में मसूद की बड़ी बहन और उसका पति, मसूद का भतीजा और उसकी पत्नी, मसूद की एक भतीजी और उसके पांच बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा मसूद के 4 सहयोगी भी मारे गए थे। हमले के वक्त मसूद मौके पर नहीं था, इस वजह से उसकी जान बच गई थी।

बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी मसूद ने परिवार के लोगों के मरने के बाद एक बयान भी जारी किया था। इसमें उसने कहा था कि मैं भी मर जाता तो खुशनसीब होता।
मसूद अजहर कैसे बच गया और अभी कहां है?
मसूद अजहर सालों से बहावलपुर के चौक आजम इलाके के मरकज सुभानल्लाह नाम के कैंपस में ही रह रहा था।
साल 2011 तक इस कैंपस में सिर्फ एक मस्जिद थी, उसके बाद आतंकियों की ट्रेनिंग और बाकी एक्टिविटीज के लिए कैंपस में इमारतें और बाकी स्ट्रक्चर बढ़ता चला गया। सैटेलाइट इमेजेज के आधार पर इसका पूरा इलाका 18 एकड़ बताया जाता है।
फरवरी 2019 में पुलवामा हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद भारत की मांग पर संयुक्त राष्ट्र ने मसूद को ग्लोबल टेररिस्ट की लिस्ट में डाला था। अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने पर पाकिस्तान ने कहा था कि जैश के बहावलपुर हेडमर्टर को सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है।


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