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नई दिल्ली@मोदी ने अमेरिकी कपास पर 11′ टैक्स हटाया : केजरीवाल

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यह किसानों के साथ धोखा: केंद्र ने कहा- टेक्सटाइल इंडस्ट्री की डिमांड के लिए ऐसा किया

नई दिल्ली,28 अगस्त 2025 (ए)। आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका को कपास पर लगने वाली 11′ इम्पोर्ट ड्यूटी हटाकर भारतीय किसानों के साथ धोखा किया है। केजरीवाल ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय उत्पादों पर 50′ टैरिफ लगाया है। इसके जवाब में भारत को अमेरिका पर 100′ टैरिफ लगाना चाहिए था। लेकिन पीएम मोदी अमेरिकी सामानों को टैक्स फ्री कर रहे हैं। यह फैसला भारतीय किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर देगा। केजरीवाल के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने प्रेस रिलीज जारी की और बताया कि अमेरिका से आने वाली कपास को टैक्स फ्री करने की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। घरेलू टेक्सटाइल इंडस्ट्री की डिमांड पूरी करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
केजरीवाल के आरोप की बड़ी बातें
द्द पिछले कुछ दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने पीठ पीछे, चोरी-चोरी कुछ ऐसे फैसले लिए, जो देश भर के किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। 90-95′ किसानों को पता ही नहीं कि क्या हो गया और जब ये फैसले सामने आएंगे, तो ढेरों किसान आत्महत्या करने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।
द्द अमेरिका से आने वाली कपास पर पहले 11′ ड्यूटी लगती थी। केंद्र ने अमेरिका को इससे छूट दे दी है। अब 19 अगस्त से 30 सितंबर, यानी 40 दिनों तक अमेरिका से आने वाले कपास पर टैक्स नहीं लगेगा। इससे देश के बाजार में अमेरिकी कपास भारतीय कपास की तुलना में 15-20 रुपए प्रति किलो सस्ती हो जाएगी। 30 सितंबर तक टेक्सटाइल इंडस्ट्री सस्ते दामों पर अमेरिकी कपास खरीदेंगे। जब हमारा किसान अक्टूबर में मंडियों और बाजारों में अपनी कपास लेकर जाएगा, तो वह कौन खरीदेगा।
द्द लोग कह रहे हैं कि अमेरिका में अडाणी का केस चल रहा है। अडाणी की गिरफ्तारी होने वाली है। अडाणी को बचाने के लिए पीएम देश को दांव पर लगा रहे हैं। अगर ऐसा है तो ये देश के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा है।
आम आदमी पार्टी 7 सितंबर को गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के चोटीला में किसानों के हक में सभा करेगी। सुरेंद्रनगर में गुजरात के सबसे ज्यादा कपास उगाने वाले किसान रहते हैं। मैं सभी राजनीतिक दलों और किसान संगठनों को कहना चाहता हूं कि इन गरीब किसानों को बचाने के लिए हमें एक साथ खड़ा होना पड़ेगा।”


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