- पुलिस महानिरीक्षक और कई जिलों के पुलिस अधीक्षक को स्थानांतरित कर्मचारी को कार्यमुक्त करने के लिए पुनः करना पड़ रहा आदेशित
- पुलिस महानिदेशक के आदेश अनुसार कई जिलों में विभागीय कर्मचारियों का हुआ था स्थानांतरण
- बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार रोकथाम हेतु सतत और अनिवार्य प्रक्रिया है स्थानांतरण
- स्थानांतरित होने के बाद भी कई जिले के पुलिस अधीक्षकों ने स्थानांतरित कर्मचारियों को नहीं किया है कार्य मुक्त
- उक्त कर्मचारी से अधीक्षकों का विशेष लगाव है, या फिर कुछ और बात है?
- कोरिया जिला से भी तीन उप निरीक्षकों का तबादला हुआ है अन्यत्र जिलों में, अभी तक नहीं हुए हैं कार्य मुक्त
- माह बीत जाने पर भी कई जिलों में नहीं हुआ आदेश का परिपालन


-न्यूज डेस्क-
रायपुर/सरगुजा/कोरिया, 05 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। पुलिस विभाग किसी भी शासन-प्रशासन के सुचारू व्यवस्था के लिए सबसे अहम विभाग माना जाता है। लॉ एंड ऑर्डर को कंट्रोल करने के अलावा अपराधों के रोकथाम,अपराधियों की धर पकड़,बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के साथ-साथ अनेकों ऐसे कार्य होते हैं,जो पुलिस विभाग के जिम्मे होते हैं। पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए और विभाग को पारदर्शी तथा भ्रष्टाचार मुक्त रखकर कार्य करने के लिए अधिकारी कर्मचारियों का सतत स्थानांतरण भी पुलिस विभाग में एक अहम और अनिवार्य प्रक्रिया है। जिससे विभाग में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को क्षेत्र विशेष में गहरी पैठ बनाए रखने से रोकना एवं अन्य पहलुओं में मदद मिलती है। इसी क्रम में विगत में जून माह में पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ के पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय अनुसार और तत्कालीन पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ के आदेशानुसार अधिकांश निरीक्षक और उप निरीक्षकों का तबादला अन्यत्र स्थान पर किया गया था। परंतु आलम यह है कि पुलिस विभाग के राज्य स्तरीय सर्वोच्च अधिकारी के आदेश की भी अवहेलना की जाती रही और माह भर से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश जिलों में स्थानांतरित निरीक्षकों और उप निरीक्षकों को उन जिलों के पदस्थ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने नवीन पद स्थापना के लिए अभी तक कार्य मुक्त नहीं किया है। यह पूरी तरह से पुलिस महानिदेशक के आदेश की अवहेलना प्रतीत होती है। स्थिति तो यह है कि पुलिस महानिदेशक को अपने आदेश के परिपालन के लिए पुनः पुलिस महानिरीक्षक और संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक को स्थानांतरित कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के लिए पुनः आदेशित करना पड़ रहा है।
कोरिया जिला से भी तीन उप निरीक्षकों का तबादला हुआ है अन्यत्र जिलों में,अभी तक नहीं हुए हैं कार्य मुक्त
पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय अनुसार और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के आदेश अनुसार कोरिया जिले से भी तीन उप निरीक्षकों का तबादला अन्य जिलों में हुआ है। इसमें सुश्री तेजस्वी स्वर्णकार का तबादला सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में,राजेश तिवारी का तबादला सरगुजा जिले में, और राम प्रताप साहू का तबादला कोरिया जिले से सूरजपुर जिले में हुआ है। परंतु आज पर्यंत तक इन्हें वर्तमान पदस्थापित जिले से कार्य मुक्त नहीं किया गया है,जिसके परिपालन के लिए विगत 31 जुलाई को पुलिस महानिदेशक ने एक बार फिर से पुलिस महानिरीक्षक और संबंधित पुलिस अधीक्षक को स्थानांतरित निरीक्षकों एवं उप निरीक्षकों को तत्काल कार्य मुक्त करने बाबत आवेशित किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि तबादला आदेश जारी होने के एक माह बाद तक वर्तमान पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने अभी तक इन स्थानांतरित कर्मचारियों को कार्यमुक्त क्यों नहीं किया। क्या इन कर्मचारियों को कोरिया जिले से विशेष लगाव है,या फिर ऊंची पहुंच पकड़ के कारण अभी तक इन्हें कार्य मुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया है। बहरहाल कारण जो भी हो,परंतु विभाग के सर्वोच्च अधिकारी के आदेश का परिपालन ना होना विभाग की स्थिति को परिलक्षित करता है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur