अंबिकापुर,31 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले के लुंड्रा और सीतापुर वन परिक्षेत्र में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। महज 24 घंटे के भीतर अलग-अलग तीन घटनाओं में चार लोगों की मौत ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। मृतकों में एक महिला,एक बुजुर्ग,एक युवती और एक अधेड़ ग्रामीण शामिल हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वन विभाग अलर्ट मोड पर है। पहली घटना बुधवार की सुबह लगभग 4 बजे लुंड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम बकिला की है,जहां दो हाथी गांव के करीब आ पहुंचे। घर में सो रही महिला सनमेत बाई और उसका पति नेहरू बाहर निकले तो हाथियों को देखकर घबरा गए और भागने लगे। इस दौरान एक हाथी ने महिला को पकड़ लिया और कुचल दिया। सनमेत बाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पति किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। दूसरी हृदयविदारक घटना लुंड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चिरगा के अंतर्गत ग्राम बेवरा में शाम करीब 7 बजे हुई। राम कोरवा (60 वर्ष) अपनी पुत्री प्यारी कोरवा (35 वर्ष) के साथ खेत से रोपा लगाकर लौट रहे थे।रास्ते में दो हाथियों से आमना-सामना हो गया। दोनों जान बचाने के लिए भागे,लेकिन हाथियों ने उन्हें दौड़ाकर पटक दिया और कुचल कर मार डाला। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरी घटना गुरुवार की सुबह 6 बजे सीतापुर वन परिक्षेत्र के ग्राम देवगढ़ की है। ग्रामीण मोहर साय (55 वर्ष) सुबह खेत में फसल देखने गया था। तभी उसका सामना भी दो हाथियों से हो गया। उसने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हाथियों ने उसे पकडकर जमीन पर पटका और रौंद दिया। मोहर साय की भी मौके पर ही मौत हो गई। लगातार तीन घटनाओं में चार लोगों की जान जाने से वन विभाग में हडकंप मच गया है। सरगुजा रेंज के डीएफओ अभिषेक जोगावत और पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई है और मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है।
हाथियों का दल विछडकर कर रहा उत्पात : डीएफओ जोगावत ने बताया कि मैनपाट क्षेत्र में पहले 14 हाथियों का एक बड़ा दल था, लेकिन अब वह दल बिखरकर चार छोटे दलों में बंट गया है। इनमें से दो हाथी लुंड्रा और दो हाथी सीतापुर वन परिक्षेत्र में सक्रिय हैं और यही हाथी इन घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। लुंड्रा क्षेत्र में पिछले चार से पांच सालों में हाथियों का प्रवेश नहीं हुआ था,जिससे वहां के ग्रामीण सजग नहीं थे। अब अचानक इन क्षेत्रों में हाथियों का प्रवेश और हमले से दहशत फैल गई है। वन विभाग के अनुसार, लुंड्रा में हमला करने वाले दो हाथी करीब दो सप्ताह पहले धर्मजयगढ़ के लैलुंगा वन परिक्षेत्र में तीन लोगों की जान ले चुके हैं। इसके बाद वे जशपुर जिले के पत्थलगांव पहुंचे,जहां भी एक व्यक्ति की जान गई। अब यह हाथी मैनपाट क्षेत्र में पहुंच कर लुंड्रा और सीतापुर के गांवों में तबाही मचा रहे हैं। वन विभाग का कहना है कि इन हाथियों को दोबारा मैनपाट के मुख्य दल से मिलाने की योजना बनाई जा रही है। इस कार्य में विशेष उडऩदस्ता टीम, ट्रैकिंग यूनिट, पुलिस और राजस्व विभाग की मदद ली जा रही है। ग्रामीणों को अलर्ट करने के लिए मुनादी कराई जा रही है और जोखिम वाले गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। डीएफओ ने बताया कि देवगढ़ में हमला करने वाली हथिनी अपने शावक के साथ थी और ग्रामीणों द्वारा परेशान किए जाने से आक्रोशित हो गई। वह बहुत विचलित और आक्रामक हो गई है, इसलिए उसे शांत करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
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