- सेना ने आकाश प्राइम डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया…
- इसकी मार से नहीं बचेगा दुश्मन…
- चीन-पाकिस्तान भी देख ले इसका वीडियो…
नई दिल्ली,17 जुलाई 2025 (ए)। भारत ने डिफेंस सेक्टर में एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। भारत की बढ़ती सैन्य ताकत को देखकर पाकिस्तान और चीन की हालत पतली होना तय है। भारत ने आकाश प्राइम एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। गुरुवार को इस परीक्षण का वीडियो भी जारी कर दिया गया है। आकाश प्राइम, आकाश वेपन सिस्टम का नया और बेहतर रूप है। इसने लद्दाख में ऊंचाई पर परीक्षण के दौरान दो एयर टारगेट को मार गिराया। यह सिस्टम 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर काम करने के लिए बनाया गया है। इसमें क्रस्न सीकर भी है,
जो भारत में ही बना है।
आकाश प्राइम को खास तौर पर ऊंचाई वाले इलाकों में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है। परीक्षण के दौरान, इसने तेजी से उड़ने वाले दो ड्रोन को निशाना बनाया और उन्हें नष्ट कर दिया। यह भारत में ही बना है, जो रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है। भारत ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को बेहतर करने के मिशन में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बुधवार को भारतीय सेना ने लद्दाख सेक्टर में करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर ‘आकाश प्राइम’ एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। यह एयर डिफेंस सिस्टम भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। ‘आकाश प्राइम’ एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण थल सेना की एयर डिफेंस विंग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। डीआरडीओ ने ही यह एयर डिफेंस सिस्टम विकसित किया है।
भारत के लिए क्यों जरूरी है ये सिस्टम?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की आकाश एयर डिफेंस प्रणाली ने पाकिस्तानी सेना के चीनी लड़ाकू विमानों और तुर्की ड्रोन से किए गए हवाई हमलों को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सफलता भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और हवाई सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाएगी। भारत अपने एयर डिफेंस सिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है। इसी महीने रक्षा मंत्रालय ने एयर डिफेंस फायर कंट्रोल रडार की खरीद की मंजूरी दी है। यह एयर डिफेंस फायर कंट्रोल रडार हवाई लक्ष्य का पता लगाएगा और उसे ट्रैक करेगा तथा फायरिंग समाधान प्रदान करेगा।
आधुनिक हथियारों से लैस भारतीय सेना
भारतीय सेनाओं को आधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने जुलाई महीने की शुरुआत में ही एक बड़ी पहल कर दी है। इस पहल के तहत 1.05 लाख करोड़ की स्वदेशी खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। यह मंजूरी मिलने से भारतीय सेनाओं का एयर डिफेंस सिस्टम मजबूत होगा। सेना को मिसाइलों व इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की आपूर्ति की जा सकेगी। इस मंजूरी के तहत तीनों सेनाओं, थल सेना, नौसेना और वायुसेना, को आवश्यक उपकरण और हथियार मुहैया कराए जाएंगे। तीनों सेनाओं के लिए खरीदे जाने वाले उपकरण स्वदेशी होंगे।