संघ प्रमुख का मोदी के रिटायर होने की तरफ इशारा,
क्या इस साल झोला लेकर चल पड़ेंगे पीएम मोदी?
नई दिल्ली,11 जुलाई 2025 (ए)।राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर 75 साल में रिटायर होने की बहस छेड़ दी है। नागपुर के एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि, ‘जब आपको कोई 75 साल का होने पर बधाई देता है, तो इसका मतलब होता है कि अब आपको रुक जाना चाहिए और दूसरों को काम करने देना चाहिए। जब आपको 75 साल पूरे होने पर शॉल ओढ़ाई जाती है तो इसका मतलब होता है कि हमारी उम्र हो चुकी है, अब थोड़ा किनारे हो जाना चाहिए।
दरअसल संघ प्रमुख ने ये बातें रामजन्मभूमि आंदोलन के प्रेरक दिवंगत मोरोपंत पिंगले पर लिखी पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में कहीं। हालांकि, भागवत ने अपने बयान में मोदी का नाम नहीं लिया। हालांकि भागवत का ये बयान पीएम नरेंद्र मोदी के रिटायर होने की तरफ इशारा माना जा रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी इसी साल 17 सितंबर को 75 वर्ष के होने वाले हैं। ऐसे में कयास लगा जा रहा है कि भागवत मोदी को रिटायर होने का इशारा कर रहे हैं।
75 वर्ष बैरियर के कारण ही आडवाणी और मुरली मनोहर को नहीं मिला था टिकट
बीजेपी ने एक अघोषित परंपरा विकसित की है। परंपरा यह है कि 75 वर्ष के हो जाने पर इसके नेता रिटायरमेंट ले लेते हैं। 75 उम्र बैरियर के कारण ही लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर, जसवंत सिंह, सुमित्रा महाजन, कलराज मिश्र जैसे बड़े नेताओं को 75 वर्ष पूरे होने के बाद पार्टी ने टिकट नहीं दिया था। ना ही उनका कार्यकाल बढ़ाया गया। इसके कारण उन्हें रिटायर लेना पड़ा था। इसी तरह 2024 लोकसभा चुनाव में राजेंद्र अग्रवाल, संतोष गंगवार, सत्यदेव पचौरी, रीता बहुगुणा जोशी का टिकट 75 साल से ज्यादा उम्र की वजह से काट दिया गया। वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा ने मंडल अध्यक्ष पद के लिए 35 से 45 साल और जिला अध्यक्ष पद के लिए 45 से 60 साल की उम्र सीमा निर्धारित की है।
मार्च, 2023 में बीजेपी के एक कार्यक्रम में मोदी के साथ दीप जलाते मार्गदर्शक मंडल में शामिल वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी। 2019 लोकसभा चुनाव में उनका टिकट काट दिया गया था।
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने दागा सवाल
इससे पहले मार्च में राउत पीएम मोदी के रिटायरमेंट को लेकर दावा कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी अपने रिटायरमेंट का ऐलान करने के लिए आरएसएस के नागपुर मुख्यालय गए थे। राउत ने कहा था कि पीएम बीते 10-11 सालों में आरएसएस मुख्यालय नहीं गए और वह दौरा उनके राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम था। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने कहा- मोदी ने आडवाणी, मुरली मनोहर, जसवंत सिंह जैसे बड़े नेताओं को जबरन रिटायरमेंट दिला दिया था। अब देखते हैं क्या मोदी इसका खुद पालन करेंगे या नहीं।
आरएसएस का काम ही यही है इशारा करना
ऐसे समय में मोहन भागवत किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, यह राजनीतिक जिज्ञासा का विषय बन गया है। एनबीटी ऑनलाइन ने संघ प्रमुख की टिप्पणी को लेकर आरएसएस के एक वरिष्ठ विचारक और संघ से बीजेपी में आए पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी से खास बात की और इसके मायने समझने की कोशिश की। आरएसएस के विचारक रहे व्यक्ति ने नाम नहीं जाहिर होने देने की गुजारिश करते हुए बताया, “संघ का काम ही यही है इशारा करना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समय-समय पर अपना यह उत्तरदायित्व निभाता रहता है।” मतलब, कहीं न कहीं सर संघचालक अपने लिए और पीएम मोदी दोनों के लिए यह इशारा कर सकते हैं।
हम तो फकीर आदमी हैं झोला लेके चल पड़ेंगे
बता दें कि मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के करीब एक महीने बाद देश में विरोधी खेमे ने पीएम मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। नोटबंदी की वजह से गरीबों को होने वाली मुश्किलों का रोना रोया जा रहा था। इसी दौरान 3 दिसंबर, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के मुरादाबाद में ‘परिवर्तन रैली’ को संबोधित करने पहुंचे। प्रदेश 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार हो रहा था। पीएम मोदी ने नोटबंदी को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अभियान बताते हुए अपने विरोधियों पर यह कहकर निशाना साधा कि हम तो फकीर आदमी हैं झोला लेके चल पड़ेंगे जी”। दरअसल, वह कह रहे थे कि वह तो राष्ट्र सेवा कर रहे हैं और इसके लिए वह हर अंजाम भुगतने के लिए तैयार हैं, लेकिन भ्रष्टाचारियों को छोड़ने वाले नहीं हैं।
भाजपा ने 75 साल की उम्र पर कई नेता रिटायर किए
2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा में 75 साल की उम्र से ज्यादा के नेताओं को रिटायर करने का ट्रेंड शुरू। पहली बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट में इससे कम उम्र के नेताओं को ही जगह दी थी। लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को मार्गदर्शक मंडल में शामिल किया गया। 2016 में जब गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने इस्तीफा दिया तो उस समय उनकी उम्र भी 75 साल थी। उसी साल नजमा हेपतुल्लाह ने भी मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दिया, जिनकी उम्र 76 साल थी।
75 का बैरियर पीएम मोदी के लिए नहींः अमित शाह
हालांकि अमित शाह 75 वर्। की आयु में पीएम मोदी के राजनीति से रिटायरमेंट की बात खारिज कर चुके हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी मोदी के रिटायरमेंट को लेकर खूब बयानबाजी हुई थी। मई, 2024 में अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर भाजपा लोकसभा चुनाव जीत गई तो मोदी अगले साल तक ही प्रधानमंत्री रहेंगे। मोदी ने खुद यह नियम (75 साल की उम्र में रिटायरमेंट) बनाया है।
उसी दिन गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, ‘मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि भाजपा के संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। मोदी जी 2029 तक देश का नेतृत्व करेंगे। मोदी जी आने वाले चुनावों में भी नेतृत्व करेंगे।’ इसी तरह पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि भाजपा के संविधान में कहीं भी आयु को लेकर ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अगले 5 साल के कार्यकाल में मोदी जी देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। मोदी जी हमारे नेता हैं। भविष्य में भी हमारा नेतृत्व करते रहेंगे।
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