राज्यों को जारी
हुआ ऑर्डर
नई दिल्ली, 27 जून 2025 (ए)। सरकार ने आम लोगों की सुविधा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। रजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी राज्यों को आदेश देते हुए कहा कि नवजात बच्चों की माताओं को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खासकर वे अस्पताल जहां देश के संस्थागत जन्मों का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होता है। दरअसल,जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र का पंजीकरण रजिस्ट्रार द्वारा जारी किया जाता है। यह जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 की धारा 12 के अनुसार जारी किया जाता है। आरबीडी अधिनियम 1969 में वर्ष 2023 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद जन्म या मृत्यु का पंजीकरण केंद्र के सरकारी पोर्टल पर करवाना अनिवार्य कर दिया गया।
सात दिनों से पहले मिल जाएगा जन्म प्रमाण-पत्र
रजिस्ट्रार कार्यालय ने कहा कि नवजात का जन्म पंजीकरण कराने के 7 दिन के अंदर ही उसके परिवार को जन्म प्रमाण- पत्र मिल जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रमाण पत्र इलेक्ट्रॉनिक या अन्य किसी भी प्रारूप में दे सकते हैं।
आरजीआई ने बताया की जन्म प्रमाण पत्र की बढ़ती मांग को देखते हुए इस बात का फैसला लिया गया कि अस्पताल में छुट्टी होने से पहले नवजात बच्चे की मां को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए। देश भर में सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंजीकरण इकाइयों के रूप में काम कर रहे हैं और इस दिशा में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की उपयोगिता हाल ही में कई गुना बढ़ गई है।
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