C
- संवाददाता –
अंबिकापुर,19 जून 2025(घटती-घटना)। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ममता पटेल ने चर्चित संपत्ति विवाद मामले में आरोपी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव जायसवाल की अग्रिम जमानत याचिका को सख्त टिप्पणी करते हुए खारिज कर दिया है। अदालत ने यह आदेश गंभीर आर्थिक अपराध और साक्ष्य प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए दिया।
मामला थाना कोतवाली अंबिकापुर में दर्ज अपराध क्रमांक 114/2025 से जुड़ा है, जिसमें धारा 420, 467, 468 एवं 120-बी भादंवि के तहत डॉ. जायसवाल और उनके पिता सुरेश कुमार जायसवाल को नामजद किया गया है। आपराधिक मामला एक पुराने भूमि विवाद और कथित फर्जी वसीयत से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता गुरूशरण सिंह कक्कड़ ने आरोप लगाया कि उनके दादा द्वारा खरीदी गई जमीन को जालसाजी कर आरोपी ने अपने नाम करा लिया।
प्रार्थी के अनुसार, जमीन पर फर्जी वसीयत के आधार पर पहले आरोपी के पिता के नाम पर और फिर पारिवारिक व्यवस्था पत्र के माध्यम से डॉ. वैभव जायसवाल के नाम पर नामांतरण कराया गया, और उक्त भूमि पर अस्पताल का निर्माण भी कर लिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वसीयत में मृतक को निःसंतान बताया गया, जबकि उसके दो पुत्र थे और असली दस्तावेज पंजाबी भाषा में हस्ताक्षरित थे, जबकि कथित वसीयत में हिंदी हस्ताक्षर हैं। मामले में तत्कालीन तहसीलदार राजेन्द्र गुप्ता की भूमिका भी संदिग्ध है।
राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक विवेक कुमार सिंह और प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता एए रिजवी ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और शिकायतकर्ता को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामला केवल सिविल प्रकृति का नहीं है और केस डायरी में संलग्न साक्ष्य प्रथम दृष्टया एक सुनियोजित आर्थिक अपराध की ओर संकेत करते हैं। साथ ही यह भी कहा कि वादग्रस्त संपत्ति को लेकर कई पहलुओं पर गंभीर संदेह है और आरोपी की भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने धारा 438 के तहत दायर अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। साथ ही संबंधित थाना को आदेश की प्रतिलिपि भेजने और केस डायरी में संलग्न करने के निर्देश दिए गए।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur