ग्रे लिस्ट में डालने का आधार ऐसे हुआ मजबूत…
नई दिल्ली,16 जून 2025 (ए)। पहलगाम टेरर अटैक के बाद पाकिस्तान को फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे लिस्ट में डाले जाने का आधार मजबूत होता दिख रहा है। एफ एटीएफ ने पहलगाम में इस साल 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए सोमवार को कहा कि उसने अब टेरर फाइनैंसिंग से लड़ने के लिए विभिन्न देशों की ओर से उठाए गए कदमों पर फोकस बढ़ा दिया है। मनी लांड्रिंग और टेरर फाइनैसिंग के खिलाफ काम करने वाली वैश्विक संस्था एफ एटीएफ ने कहा कि पहलगाम हमला ‘आतंकवादी समर्थकों के बीच पैसे की आवाजाही के बिना नहीं हो सकता था।’
एफ एटीएफ ने तीसरी बार की टेरर अटैक की निंदा
यह घटनाक्रम इस मायने में खास है कि पिछले एक दशक में एफ एटीएफ की ओर से किसी टेरर अटैक की निंदा का यह तीसरा मौका है। साथ ही,एफ एटीएफ ने पहली बार ‘स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म’ का कॉन्सेप्ट अपनी एनालिसिस में शामिल किया है और इसे फंडिंग सोर्स के रूप में चिन्हित किया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि इससे पाकिस्तान की ओर से प्रायोजित आतंकवाद के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही चिंता का
पता चलता है।
टेरर फाइनैंसिंग रिस्क एंड कॉन्टेक्स्ट किट तैयार
एफ एटीएफ जल्द ही टेरर फाइनैंसिंग पर एक विस्तृत एनालिसिस जारी करेगा। इसने टेरर फाइनैंसिंग रिस्क एंड कॉन्टेक्स्ट किट तैयार की है, जिससे पाकिस्तान जैसे देश अपने इलाकों से हो रही हरकतों के बारे में एफ एटीएफ के सामने गलतबयानी न कर सकें। साथ ही, वह टेरर फाइनैंसिंग रिस्क के बारे में महीनेभर में एक रिपोर्ट भी जारी करेगा।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘यह पहली बार है जब एफ एटीएफ ने फंडिंग सोर्स के रूप में राज्य प्रायोजित आतंकवाद का कॉन्सेप्ट शामिल किया है। केवल भारत का नेशनल रिस्क असेसमेंट ही पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को टेरर फाइनैंसिंग रिस्क के रूप में चिन्हित करता है। अब एफ एटीएफ की रिपोर्ट में यह कॉन्सेप्ट आने से पता चलता है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। एफ एटीएफ के एशिया पैसिफिक ग्रूप की अगस्त में होने वाली बैठक में पाकिस्तान की हरकतों का पूरा ब्योरा रखकर उसे ग्रे लिस्ट में डालने का जोर लगाया जाएगा।’
2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला था
एफ एटीएफ ने 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला था। हालांकि 2022 में उसे इस वादे पर लिस्ट से बाहर किया गया कि वह एफ एटीएफ की शर्तों के मुताबिक काम करेगा। उसने टेरर फाइनैंसिंग के खिलाफ एक कानून बनाने का वादा भी किया था। हालांकि उसने वह कानून नहीं बनाया है। एफ एटीएफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेरर फाइनैंसिंग और मनी लॉन्डि्रंग रोकने के लिए काम करने वाली वैश्विक संस्था है, जिसमें भारत सहित कई देश सदस्य हैं। इसने टेरर फाइनैंसिंग रोकने के प्रयासों से जुड़े अपने बयान में पहलगाम हमले का जिक्र किया है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी।
एटीएफ संगठन ने पाकिस्तान के आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की

इसमें कहा गया है, ‘एफ एटीएफ 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में बर्बर आतंकवादी हमले की निंदा करता है। यह और हाल में हुए दूसरे हमले आतंकवादी समर्थकों के बीच पैसे की आवाजाही के बिना नहीं हो सकते थे। एफ एटीएफ ने इससे पहले किसी बड़े आतंकवादी हमले की निंदा 2015 और 2019 में की थी। बयान में कहा गया, ‘एफ एटीएफ अपने ग्लोबल नेटवर्क में शामिल 200 से अधिक ज्यूरिस्डिक्शंस को सपोर्ट दे रहा है, जिससे वे टेरर फाइनैंसिंग के खिलाफ अपना उपायों को मजबूत कर सकें।’
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