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लेख@ क्या जरूरी है एनर्जी ड्रिंक?

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पिछले कुछ महीनों से देश और दुनिया में मौसम खासा अराजक सा हो गया है। दुबई और मस्कत जैसे रेगिस्तानी प्रदेशों में धुआंधार बरसात हुई है तो अमेरिका और यूरोपीय देशों में भीषण तूफान और दावानल देखने को मिला है। अगर अपने देश की बात करें तो देश के अनेक हिस्सों में खूब बरसात हुई। कहीं कहीं एक साथ दो ऋतुएं देखने को मिलीं। परिणामस्वरूप लोग तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हुए। कहीं लोग डेंगू से परेशान रहे तो कहीं लोगों को डायरिया ने परेशान कर दिया। इस साल उत्तर प्रदेश में अधिक गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन यानी कि शरीर में पानी की कमी के तमाम मामले सामने आए। ऐसे में डाक्टर पेशेंटों को ओआरएस और ग्लूकोज पीने की सलाह देते रहे।चिकित्सीय भाषा में जिसे इलेक्ट्रोलाइट्स कहते हैं, इसकी मांग कुछ समय से खूब बढ़ी है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन के एक समाचार के अनुसार 2023 इलेक्ट्रोलाइट्स की मांग 36 अरब 56 करोड़ डालर्स की थी। यह बढ़ कर इस साल 2024 में 40 अरब 36 करोड़ डालर्स की हो गई। इसके अलावा इस साल फ्रांस में ओलम्पिक्स खेल होने के बाद एनर्जी ड्रिंक कहे जाने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स की मांग खासी बढ़ गई है। इस बारे में बात करने के पहले इलेक्ट्रोलाइट्स क्या है, यह जान लेना जरूरी है।
रचना करने वाले ने हर व्यक्ति को उसके शरीर के अलग-अलग अंग-उपांग ठीक से काम करते रहें, इसके लिए शरीर में ही तमाम तरह के खनिज दिए हैं, जैसेकि पोटैशियम मैग्नेशियम, कैल्शियम, सोडियम (जिसे हम नमक कहते हैं), क्लोराइड, बायोकार्बोनेट आदि। ये खनिज शरीर में जरूरी तरल तत्वों की समानता को बनाएं रखते हैं। इसके अलावा ये खनिज मांसपेशियों और कोशिकाओं को मजबूती देते हैं, दिमाग की कार्यक्षमता को बनाए रखते हैं। वैसे तो रोजाना पसीने द्वारा तमाम खनिज शरीर से निकल जाते हैं। अधिक मेहनत के कारण निकलने वाला पसीना, थकान, लंबी यात्रा आदि के कारण और बीमारी की वजह से भी ये खनिज घट जाते हैं। इन्हें पूरा करने के लिए ही हमें डाक्टर इलेक्ट्रोलाइट्स लेने के लिए कहते हैं। ग्लूकोज का पाउडर, ओआरएस आदि ऐसे पदार्थ हैं, जो पानी में घुल कर खास तरह की ऊर्जा पैदा करते हैं। ये पेय शरीर में जा कर कम हुए खनिज को पूरा करते हैं। खास कर खिलाडç¸यों को थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ पीते हुए देखा होगा। वह एनर्जी ड्रिंक या इलेक्ट्रोलाइट्स होता है। एक अभिप्राय के अनुसार इन पेय में एक या दूसरे प्रकार का सोडियम (नमक) होता है। यहीं इसकी मर्यादा को ध्यान में रखना चाहिए। लगातार हो रहे शोध के कारण डाक्टर कहते हैं कि नमक और शक्कर ये दोनों सफेद जहर हैं। हर तनदुरुस्त व्यक्ति को इन दोनों सफेद जहर से मुक्त रहना चाहिए। दूसरी ओर बाजारू नाश्ता, खाद्य पदार्थ, ठंडा पेय आदि में प्रिजर्वेटिव रूप से सोडियम अर्थात नमक मिलाया जाता है। यह प्रिजर्वेटिव स्वास्थ्य को लंबे समय में नुकसान करता है। ऐसा ही कुछ हद तक हेल्थ ड्रिंक के बारे में कहा जा सकता है। बेहतर यही होगा कि किसी भी तरह का हेल्थ ड्रिंक लेते समय सोचना चाहिए कि इस ड्रिंक की हमारे शरीर को कितनी जरूरत है
वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन के विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हेल्थ कांश्यसनेस यानी की तनदुरुस्ती के बारे में लोगों में चेतना बढ़ी है यानी युवा जिम जाते हैं तो जरूरी हो या न हो, साथ में एनर्जी ड्रिंक साथ ले कर जाते हैं। हकीकत में अगर आप के शरीर को जरूरत न हो तो एनर्जी ड्रिंक नहीं लेना चाहिए। हमारे रोज के आहार में नमक तो होता ही है।विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर को जरूरत न हो और आप देखादेखी विटामिन्स की गोलियां लेंगे तो ये फायदा करने के बजाय नुकसान करेंगी। अधिक सोडियम के कारण हार्ट या किडनी को प्रतिकूल असर हो सकता है। हकीकत में प्रकृति ने ऐसी व्यवस्था की है कि आप एक से डेढ़ लीटर सादा पानी पीते रहें तो भी आप की जरूरत पूरी होती रहेगी। इसके लिए एनर्जी ड्रिंक लेने की जरूरत नहीं होगी। वायरल फीवर हो, अधिक उमस के कारण पसीना खूब होता हो, असह्य सिर दर्द हो तो एक गिलास ठंडा पानी आप को राहत पहुंचा सकता है। पानी से राहत मिल रही हो तो बाजारू हेल्थ ड्रिंक लेने की क्या जरूरत है। बाजार में दर्जन भर हेल्थ ड्रिंक मिलते हैं, इनसे आप को क्या लाभ होगा, आप कहां पता करने जाएंगे। इसलिए आपके लिए एक गिलास ठंडा पानी बेहतर है।
वीरेंद्र बहादुर सिंह
नोएडा (उत्तरप्रदेश)


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