आवश्यकता आविष्कार की जननी है। इसका आशय यह नहीं है कि, मनुष्य जैसा चाहे वैसा आविष्कार कर सकता है। कोई सोचे कि मनुष्य पक्षियों हवाई जहाज की तरह उड़ने लग जाए तो यह एक कोरी कल्पना होगी । मानव सभ्यता संभावनाओं की तलाश करते थे ,अनिवार्य बहुपयोगी ,संसाधनों को जीवनोपयोगी बनाने की जिद्दी स्वभाव ,शोधपूर्ण कार्य उन्हें एक वैज्ञानिक सिद्ध …
Read More »संपादकीय
कहानी@ एक मुट्ठी सुख
दो दिन से नूरपुर की ढाणी के पास कच्ची सड़क से पक्की सड़क बनाने का काम चल रहा था। ट्रैक्टर, रोलर और मिक्स्चर मशीन रोड पर खड़े थे। ठेकेदार,नाप-जोख करने वाले पांच-सात पुरुष और हाथों में गेंती,फावड़ा और परातें लिए महिला मजदूरों की अच्छी खासी चहल-पहल थी। दोपहर में एक घंटा उनके विश्राम का था जिसमें भोजन, बातचीत और हंसी …
Read More »लेख@ वीआईपी कल्चर खत्म करता है लोगों के बीच समानता का भाव
मौनी अमवस्या प महाकुंभ में भगदड़, जिसके चलते तीस लोगों की मौत ने ऐसे मौकों पर कुछ विशेष लोगों को मिलने वाले वीआईपी सम्मान पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। सवाल यह पूछा जा रहा है कि हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों और आयोजनों में क्यों भक्तों के बीच भेदभाव होता है ? महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमवस्या के …
Read More »लेख @प्रयागराज भगदड़:प्रशासनिक लापरवाही या भक्तों का उन्माद
एक पौराणिक शहर की सीमाओं पर विचार करना चाहिए, जिसे अपनी धार्मिक विरासत को बनाए रखते हुए आठ करोड़ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है। दस लोगों के लिए डिज़ाइन की गई जगह में सौ लोग कैसे रह सकते हैं? यह विचार करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा है। इसके अलावा, वीवीआईपी संस्कृति और सरकार के …
Read More »लेख@ दलित ओबीसी मतदाता बनाएंगे दिल्ली में सरकार
दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए वोट डालने में अब कुछ दिनों का समय ही शेष रह गया है। वहां चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। सभी दलों के बड़े नेता अपनी-अपनी पार्टी प्रत्याशियों को जीताने के लिए जमकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। पूरी दिल्ली में चुनावी चौसर बिछी हुई है। सट्टा बाजार में राजनीतिक दलों की हार-जीत के …
Read More »लेख@ महाकुंभ से निखरा हिन्दुत्व और बढ़ा योगी की सियासी कद
उत्तर प्रदेश आजकल महाकुंभमय हो रखा है। हर तरफ एक जैसा नजारा है। कोई महाकुंभ में डुबकी लगाकर अपने आप में धन्य महसूस कर रहा है तो कोई डुबकी लगाने के लिये आतुर है, जिसको जैसा मौका मिल रहा है वह उस हिसाब से संगम नगरी प्रयागराज की तरफ प्रस्थान कर रहा है। प्रयागराज में साधू-संतो का तो जमावाड़ा है …
Read More »लेख@ लकड़ी से गढ़ी कलाःछत्तीसगढ़ढ़ का नाम रोशन करने वाले पद्मश्री पंडीराम मण्डावी
नारायणपुर जिले की गोंड-मुरिया जनजाति से ताल्लुक रखने वाले पंडीराम मंडावी को पद्मश्री पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। उन्होंने बस्तर की पारंपरिक काष्ठ शिल्पकला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।कला का सफरपंडीराम मंडावी ने बचपन में अपने पिता स्वर्गीय मंदेर मंडावी से शिल्पकला की बारीकियां सीखीं। बस्तर की बांसुरी ‘सुलुर’ और लकड़ी पर उकेरी गई …
Read More »लेख@ अमेरिका की फंडिंग बन्द होने से बीमार होता विश्व स्वास्थ्य संगठन
डब्ल्यूएचओ,जिसके लिए यह 1948 में अपनी स्थापना के बाद से जाना जाता है, अमेरिका के हटने के परिणामस्वरूप निम्न-गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करेगा। सार्वजनिक स्वास्थ्य हलकों के अनुसार, भारत को महामारी की तैयारी, टीबी, एड्स, रोगजनक और एंटीबायोटिक प्रतिरोध निगरानी, अन्य कार्यक्रमों में अधिक निवेश करने के लिए तैयार रहना चाहिए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वह विश्व …
Read More »लेख@ परिवर्तन प्रकृति का आधारभूत नियम
सत्य की प्रासंगिकता सर्वकालीनस्वामी विवेकानंद जी ने कहा है कि सत्य में वह शक्ति है जो मानव को असीमित ऊर्जा और अतुल्य बल प्रदान कर सकती है यदि तुम अखंड सत्य का पालन करो तो कोई भी तुम्हें रोकने में समर्थ नहीं है, यह तो सत्य है कि सत्य की शक्ति अत्यंत व्यापक एवं सर्वकालीन है।यह तो सच बात है …
Read More »लेख@ गणतंत्र के 76 साल:हमने क्या खोया और क्या पाया
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारत ने अनेक क्षेत्रों में प्रगति की है। भारत ने साहित्य, खेल, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत ने अपनी विविध संस्कृति को संरक्षित करते हुए उसे गहरा अर्थ दिया है। भारत विकास में आगे बढ़ गया है। सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य, खेल और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में …
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