बिहार के 38 जिला में,एक जिला गोपालगंज भी है, जो गंडक नदी पश्चिमी तट पर स्थित है। गोपालगंज जिला उत्तर दिशा में चम्पारण जिला से घिरा हुआ है दक्षिण दिशा में सिवान जिला से घिरा हुआ है और पश्चिमोत्तर में उत्तरप्रदेश राज्य के देवरिया जिला से घिरा हुआ है।गोपालगंज जिला का इतिहास समृद्ध और विधित है। सारण जिला से अलग …
Read More »संपादकीय
लेख@ चिंता और चिंतन के अंतर को समझने का महत्व
आशावादी दृष्टिकोण से सफलतानिराशा और चिंता मनुष्य के जीवन की प्रगति के बड़े बाधक हैं। निराशा को तत्काल विचारों से अलग करें और चिंता को अपने मस्तिष्क में ना आने दे अन्यथा अत्यधिक चिंता व्यक्ति को चिता तक ले जाने में देर नहीं करती है । अतः सकारात्मक सोच के साथ चिंतन, नवीन संकल्प और दृढ़ निश्चय रखकर जीवन के …
Read More »लेख@भारत में गर्मी का जल्दी आना और लू का बढ़ना
बढ़ते तापमान से कृषि,जल संकट, सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। फरवरी में असामान्य रूप से अधिक गर्मी, रात के तापमान में वृद्धि, समुद्री तापमान का असर और शहरी हीट आइलैंड प्रभाव इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं। इसका असर शिक्षा, श्रम उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।भारत में लू की …
Read More »लेख@ प्राकृतिक संसाधन की सुरक्षा हमारी नैतिक जिम्मेदारी
धरा में नदियों को स्वर्ग के समान आनंद प्रदाता समझा जाता है,और वास्तव में प्रकृति ने पूरे जैव समुदाय को एक अनुपम उपहार नदी भेंट किया है। नदी की पवित्र बहती कल-कल जल धारा धरती की सुंदरता पर चार चांद लगाता है। जहां जहां से होकर नदी गुजरती है उस स्थान को हर दृष्टि कोण से समृद्ध करती है,और वहां …
Read More »लेख@ जल संकट पर सोचने का वक्त
विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्ट के अनुसार,वर्ष 2025 से 2027 के बीच जल आपूर्ति की कमी भारत के लिए सबसे गंभीर जोखिम के रूप में उभर सकती है। इससे पहले नीति आयोग ने चेतावनी दी थी कि देश की लगभग 60 करोड़ आबादी उच्च जल तनाव का सामना कर रही है। वास्तव में भारत गंभीर जल संकट की ओर बढ़ …
Read More »लेख@ रंगमंच पर जाति का खेल:कितना जायज़?
कला का काम समाज को जागरूक करना है, उसकी विविधताओं को सम्मान देना है,और उस आईने की तरह बनना है जिसमें हर वर्ग खुद को देख सके। लेकिन जब कला सिर्फ कुछ खास वर्गों या समूहों की महिमा गाने लगे, और बाकी समाज की पीड़ा, संघर्ष और उपस्थिति को नज़रअंदाज़ कर दे, तो वह कला नहीं रहती — वह प्रचार …
Read More »लेख@ लोकतांत्रिक भारत:हमारा कर्तव्य,हमारी जिम्मेवारी जनतंत्र की जान: सजग नागरिक और सतत भागीदारी
लोकतंत्र केवल अधिकारों का मंच नहीं, बल्कि नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का साझेधार भी है। भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका केवल वोट देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें न्याय, समानता, संवाद, स्वच्छता, कर भुगतान, और संस्थाओं के प्रति सम्मान जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती सत्ता पर …
Read More »लेख@ भीमराव अंबेडकर: सर्व-धर्म के पथप्रदर्शक
जनसामान्य में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को विधिवेत्ता, राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक के रूप में ही जाना जाता है, परंतु बाबा साहब का परिचय इससे व्यापक है। बाबा साहब एक निम्न जाति में जन्म लेकर विषम परिस्थितियों में अपना जीवन व्यतीत किया। वे बचपन से ही समाज के निचले तबके औऱउनकी कठिनाइयों से भली भांति परिचित थे। इसी का …
Read More »@अम्बेडकर जयंती 14 अप्रैल पर विशेष@डॉ बी आर.अम्बेडकर की न्याय हेतु अविरल यात्रा
बाबा साहेब डॉ बी आर. अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू नगर में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और उनकी माता का नाम भीमाबाई सकपाल है। डॉ बाबा साहेब का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने बचपन से ही जाति भेदभाव और असमानता का सामना किया। वे çज़ंदगी भर समाज …
Read More »@डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयन्ती पर विशेष@राष्ट्र के सजग पथ प्रदर्शक थे डा.अम्बेडकर
बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर हमारे देश के संविधान के निर्माता ही नहीं अपितु दुनिया के सबसे बड़े राजनेताओं में से एक थे। उनकी दूर दृष्टि, उनके ज्ञान, लोगों को समझने का उनका नजरिया, जाति प्रथा के विरुद्ध उनके तेवर को देखते हुए ही उन्हें भारतीय संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया था। ताकि भारत का संविधान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ …
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घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur