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सरगुजा संभाग

अम्बिकापुर@ रंगों का त्योहार होली आज…लोगों ने की नेचुरल रंग व गुलाल की खरीददारी

अम्बिकापुर,03 मार्च 2026 (घटती-घटना)। रंगो का त्योहार होली को लेकर लोगों में विशेष इंतजार रहता है। इस वर्ष होली 4 मार्च को मनाया जाएगा। इससे पूर्व 2 मार्च की देर रात विधिविधान से होलिका दहन किया गया। आधी रात के बाद होलिका दहन होने व मंगलवार को चंद्रग्रहण होने के कारण होली एक दिन बाद 4 मार्च को मनाया जाएगा। …

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आंदोलन से अस्तित्व… अब फोटोग्राफी से जीवित!

(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)।होली का मौसम है…रंग उड़ रहे हैं…और राजनीति में एक नया रंग चढ़ा है-रील,फोटो और पोस्ट का रंग। भरतपुर-सोनहत के विधायक गुलाब कमरों का बयान इस बार होली के गुलाल जैसा भावुक है। उन्होंने कहा…पहले आंदोलन करता था,वही मेरा राजनीतिक अस्तित्व था। आज फोटोग्राफी और सोशल मीडिया ही सहारा है। यह बयान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, …

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रंगों की राजनीति और सूखी नालियों का सच

(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)होली है… गुलाल उड़ रहा है… पर नगर पंचायत पटना में रंग से ज्यादा रंगदारी की चर्चा है, कहते हैं- यहाँ होली से ज्यादा गर्मी जिलाध्यक्ष बनाम विधायक की अदृश्य लड़ाई में है।विकास की पिचकारी फंसी कहाँ?नगर में लोग पूछ रहे हैं-विकास की फाइल कहाँ अटकी? कहने वाले कहते हैं- विधायक की तरफ से नगर विकास की …

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डीएमएफ का रंग चढ़ा ऐसा… अब सीधे गृहमंत्री के संग…

(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)।होली का मौसम है…रंग उड़ रहे हैं…और प्रशासनिक गलियारों में एक नई चर्चा गुलाल की तरह फैल रही है-जो मद का सही उपयोग करे,वही सत्ता के करीब पहुंचे! कहा जा रहा है कि जिला पंचायत कोरिया के सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी की कार्यशैली अब बड़े मंच तक पहुँचने वाली है,चर्चा यह भी है कि उन्हें गृहमंत्री का …

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सत्ता के गलियारे में ‘कलम’ का सम्मान : ओंकार पाण्डेय बने निज सचिव

यह पहल तीन स्तरों पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है…जमीनी हकीकत की पहचान…छोटे और मध्यम शहरों में कार्यरत पत्रकारों की आर्थिक स्थिति अक्सर अस्थिर रहती है।पत्रकारिता की गरिमा…आर्थिक मजबूती निष्पक्षता और निर्भीकता को बल दे सकती है।नीतिगत दृष्टिकोण…एक पत्रकार का शासन के भीतर से इस मुद्दे को उठाना,इसे व्यक्तिगत नहीं बल्कि संरचनात्मक प्रयास का रूप देता है।(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)छत्तीसगढ़ …

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बड़ा जिला,बड़ा सपना और ट्रांसफर का रंग!

बड़े जिले का आकर्षण बड़ा जिला मतलबबड़ा स्टाफ बड़ा बजट बड़ा मीडिया कवरेजऔर बड़ी पहचान होली में जैसे बड़ी पिचकारी सबको आकर्षित करती है, वैसे ही बड़े जिले की कुर्सी भी…जनता की सोच पर ये जनता सोच रही है…जिला छोटा है तो क्या काम भी छोटा है?बड़ा जिला ही सफलता का प्रमाण है?या यह भी होली का एक रंग है …

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विकेट पर विकेट : प्रशासन की पिच पर कौन अगला?

(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)।होली का रंग अभी सूखा भी नहीं था कि कोरिया की प्रशासनिक पिच पर एक विकेट गिर गया,कोरिया उत्सव के तुरंत बाद जनपद बैकुंठपुर के सीईओ का पद से हटाया जाना ऐसा लगा मानो रंग खेलते-खेलते अचानक सीटी बज गई हो-आउट! जिला प्रशासन ने इसे तात्कालिक प्रशासनिक निर्णय बताया, पर गलियारों में चर्चा कुछ और ही रंग …

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राज्यसभा की पिचकारी और परंपरा का गुलाल!

जनता का सवाल,होली के रंग में डूबी जनता पूछ रही है… क्या राज्यसभा की सीटें भी रंग एक्सचेंज ऑफर में चलती हैं? क्या छत्तीसगढ़ में स्थानीय नेताओं की कमी है? या फिर यह राष्ट्रीय रणनीति का सुपरफास्ट संस्करण है? (घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य) होली आई नहीं कि सियासत में रंग घुल गया,इस बार रंग थोड़ा खास है, सीधा रायपुर से …

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कोरिया सिमटा… अब संभाग में खिलेगा या नाम में घुलेगा?

(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)। होली है! रंग उड़ रहे हैं,पिचकारियाँ चल रही हैं,और राजनीतिक गलियारों में नया गुलाल घुल रहा है-कोरिया को संभाग बनाओ! पर जनता पूछ रही है-पहले जो था, उसे क्यों तोड़ा? और जवाब आता है- विकास के लिए! अब वही जनता फिर पूछ रही है-अब जो टूटा है,उसे बड़ा करने का नया फॉर्मूला क्या है?कोरियाः पहले जिला, फिर …

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‘सबका विकास’ या ‘नेताओं का सुपरफास्ट विकास?’रंग जनता के गाल पर… मलाई सत्ता के थाल पर!

(घटती-घटना होली विशेष व्यंग्य)।होली है! ढोल बज रहे हैं…गुलाल उड़ रहा है…और राजनीति में फिर वही पुराना नारा-सबका साथ,सबका विकास! जनता पूछ रही है-भाई,विकास कहाँ है? जवाब आता है-रुको…अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखेगा!विकास का ‘व्हीआईपी कलर पैक’गांव की टूटी सड़क पूछ रही है-मेरा रंग कब चढ़ेगा? अस्पताल का खाली वार्ड कह रहा है-मेरे लिए भी कोई गुलाल बचा है? युवा …

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