भारतीय सेना में महिला शक्ति का दम दिखाई देने लगा है। पुरुषों की तरह महिलाएं भी सेना में बढ़ चढ़कर अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर रही हैं। इसका ताजा उदाहरण हाल ही में सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग में सेना की दो महिला अधिकारियों द्वारा युद्ध से संबंधित जानकारी देना एक महत्वपूर्ण कदम रहा है। विदेश …
Read More »संपादकीय
लेख@ ऋषितुल्य व्यक्तित्व‘श्री रामजीलाल अग्रवाल’
छत्तीसगढ़ की राजधानी में अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर वर्तमान काल तक जिन-जिन व्यक्तित्वों को सामाजिक सफलता का प्रतीक माना गया उनमें आदर्श उदाहरण रहे-श्री रामजीलाल अग्रवाल। जीवन पर्यंत जिन्होंने पीडि़त मानवता के कल्याण की अपनी राह नहीं छोड़ी। टीबा बसाई झुंझनू,[राजस्थान] से आकर छत्तीसगढ़ के रायपुर में रच बस गए और इस माटी के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। …
Read More »लेख@ समय-समय पर दस्तक देता कोरोना नया जेएन-1 वेरिएंट
कोविड 19 मानव की जिंदगी का एक ऐसा अनचाहा हिस्सा बन चुका है, जिसके नए नए वेरिएंट समय समय पर दस्तक देते रहते हैं। इस दफा जेएन-1 वेरिएंट ने देश दुनिया में दस्तक दी है। सिंगापुर,हांगकांग में बढ़ते माहामारी के मरीजों के बाद अब यह भारत में भी अपने पांव पसार रहा है । मुंबई से लेकर दिल्ली में इस …
Read More »कविता@असहजता…
संघर्ष है तो हारने के डर सेफिर विराम क्यों?राम है तो औरों से फिर काम क्यों?ज्ञान है तो फिर अज्ञानता का भार क्यों?जीत की तलब है तो फिर हार का खौफ क्यों?अजनबी हूँ तो फिर इतना अपनापन क्यों?अहम है तो फिर वहम भरी बातें क्यों?सहज हो तो फिर व्यवहार में असहजता क्यों?ज्ञात है सब तो फिर अज्ञात का बोध क्यों?जीवंत …
Read More »कविता@बूढ़ी घोड़ी…
बूढी घोडी लाल लगाममां समझे बेटी से जवान!हराम की कमाई खाकरअफसर बना गामा पहलवान।खादी के कपड़े पहन कर नेतासमझे जैसे मार लिया मैदान।इस बेचारे को पता ही नहीं कियह है कुछ दिन की ही शान।शराब पीकर नेता दे रहा हैशराब बंदी पर ही व्याख्यान।जब तक ना पी ले पूरी बोतलउसकी जान में नहीं आती जान।आज के जेंटलमैन की पहचानउल्टा बोले …
Read More »लेख@शायरी साहित्य और संस्कृति की धरोहर है…
डॉ. मुश्ताक अहमद शाह की शायरी और कविताएं लोगों के दिलों को इसलिए छू रही हैं क्योंकि वे गहरी भावनाओं,जीवन के अनुभवों और मानवीय संवेदनाओं को सरल,सच्चे शब्दों में व्यक्त करते हैं। ऐसी शायरी और कविताएं अकेलेपन, दिल के दर्द, प्रेम, दोस्ती और जीवन की जटिलताओं को इस तरह उजागर करती हैं कि पाठक अपनी भावनाओं को उनमें महसूस कर …
Read More »लेख@कागज-पत्तर ढीले और पहुंच का रुतबा
अपने यहां ऐसे भी दीवाने हैं जो कलाई पर घड़ी नहीं हेलमेट बांधते हैं। भारत में ट्रैफिक नियम उस प्रेमिका की तरह हैं जिनसे सब वादा करते हैं पर निभाता कोई नहीं। ट्रैफिक सिग्नल उस बुजुर्ग की तरह होता है जिसे सब सम्मान से देखते हैं, पर जिसकी मानता कोई नहीं। यहां सड़कों पर सबसे विश्वसनीय सहारा न तो हेलमेट …
Read More »लेख@सच को बरछी की नोक पर टांगने का जमाना
धृतराष्ट बोला-हे संजय,कलिकाल मेँ इक्कीसवी सदी के प्रारम्भ मेँ अपने राज्य हस्तिनापुर सहित इंद्रप्रस्थ अर्थात दिल्ली के बारे मेँ जानने को उत्सुक हूँ तुमने बीसवी सदी तक के हालत के जो डरावने रूह कपाने वाले दृश्य बतलाये उससे मेरी आत्मा लहूलुहान हो गई है। मैं स्वीकारता हूँ की जगदीश्वर श्रीकृष्ण के लाख प्रयास ओर शांति प्रस्ताव को मैंने अपने बेटे …
Read More »कविता@अपना गौरव याद न रखें तो…
अपने ही घर से कब कब भगाए गए हो,बिना कारण कहां कहां लतियाये गए हो,तुम्हारे विरुद्ध हुए अत्याचार की बातक्या तुम्हें कचोटता नहीं,इतिहास की अधूरी जानकारी परतू खुद अपने बाल क्यों नोचता नहीं,दोष तुम्हारा नहीं तुम्हारी शिक्षा का है,चमत्कारियों से मिल जायेइस झूठी प्रतीक्षा का है,क्यों महत्व नहीं दिया अपनी शिक्षा को,और महत्व दिया नहीं सामाजिक दीक्षा को,शिक्षा से दूर …
Read More »लेख@परमाणु वैज्ञानिक डॉ श्रीकुमार बनर्जी की पुण्यतिथि 23 मई 25 पर विशेष
परमाणु ऊर्जा और परमाणु सामग्री के क्षेत्र में अग्रणी डॉ. श्रीकुमार बनर्जी का जन्म 25 अप्रैल 1946 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने 1967 में आईआईटी खड़गपुर से धातुकर्म इंजीनियरिंग में प्रौद्योगिकी स्नातक की डिग्री प्राप्त की और उसके बाद 1968 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के प्रशिक्षण विद्यालय के 11वें बैच से उत्तीर्ण हुए। डॉ. बनर्जी ने भाभा परमाणु …
Read More »
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur